कैसे दिल्ली के लाखों किरायेदार ले सकेंगे प्री पेड मीटर योजना का लाभ

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से कुछ महीने पहले किरायेदारों के लिए बिजली मीटर योजना का जो एलान किया है, उससे दिल्ली के तकरीबन 40 लाख किरायेदार इसका लाख उठा सकेंगे। इसका लाभ लेने के लिए 6000 रुपये खर्च आएगा और फिर सारी सुविधा फ्री होम डिलिवरी के तहत होगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री किरायेदार बिजली मीटर योजना’ का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री किरायेदार बिजली योजना के तहत प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। उसमे 200 यूनिट तक फ्री और घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा होगा। आइए जानते हैं दिल्ली में रह रहे किरायेदार इसका लाभ कैसे ले पाएंगे।

  • www.bsesdelhi.com की वेबसाइट पर जाकर मीटर के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
  • बीएसईएस दिल्ली के मोबाइल ऐप से पे डिमांड नोट पर आवेदन करना होगा।
  • जो किरायेदार प्रीपेड मीटर का लाभ उठाना चाहते हैं उनके घर फ्री होम डिलीवरी की जाएगी।
  • इसके लिए किसी भी तरह का रेंट एग्रीमेंट मान्य होगा।
  • सुविधा लेने के लिए राशन कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आइडी में से कोई एक मुहैया करानी होगी।
  • 3000 रुपये सिक्युरिटी मनी देनी होगी।
  • 3000 रुपये मीटर के लिए लाइन खींचने का खर्च देना होगा।
  • बिजली डिजी सेवा केंद्र (डीएसके) को 19123 या फिर 39999707 पर कॉल कर अप्वाइंटमेंट लें फिर डीएसके जाएं या फिर अपने घर पर फ्री होम डिलीवरी मंगा लें।
  •  बीआरपीएल डिविजन ऑफिस जाएं और बहुत ही आसान दस्तावेज भरें और डिमांड नोट भरें और मीटर लगवा लें।
  • टाटा पावर के उपभोक्ता www.tatapower-ddl.com वेबसाइट पर जाकर वहां कस्टमर सर्विस सेक्शन पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।

मौजूदा टैरिफ

0-200- 3 रुपये यूनिट

201-400- 4.5 रुपये यूनिट

401-800- 6.50 रुपये यूनिट

800-1200- 7 रुपये यूनिट

1200 से उपर- 8 रुपये यूनिट

किरायेदारों को मिलेगा ये लाभ

दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली फ्री है, जबकि 400 यूनिट स्लैब में 50% सब्सिडी से राहत मिलती है। ऐसे में अब मकान मालिकों के साथ किरायेदार भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

इस योजना के एलान के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 24 घंटे बेरोकटोक बिजली मिलती है। सरकार बनते ही 2 साल तक इसमे मेहनत की गई है। यही वजह है कि पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के किरायदारों को इसका फायदा नहीं मिलता था। मालिक के एक ही मीटर से सभी को बिजली दी जाती है, वसूली ज्यादा होती है। बताया जाता है कि 10 रुपये यूनिट रेट से वसूली होती थी। ऐसे में किरायदारों को सस्ती बिजली का फायदा नहीं मिलता था। मकान मालिक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देते थे, क्योंकि किरायेदार कब्ज़ा न कर लें।

मकान मालिकों के रुख पर संदेह

बताया जा रहा है कि प्री पेड मीटर के लिए शायद मकान तैयार नहीं हों और वे अनापत्ति प्रमाण पत्र न दें। ऐसा पहले भी होता आया है। इसमें ऐसा प्रावधान भी नहीं किया गया है कि मकान मालिक प्री पेड मीटर लगवाने के लिए बाध्य होगा।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com