प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में लॉन्च किया भारत का रुपे कार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपनी ”राजनीतिक स्थिरता और भरोसेमंद नीतियों” के चलते आज दुनिया में निवेश का एक आकर्षक स्थल बन गया है. उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबुधाबी में प्रवासी भारतीय (एनआरआई) कारोबारियों की एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. प्रधानमंत्री ने विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस समुदाय ने देश की आर्थिक वृद्धि में महती योगदान किया है.

 

पीएम ने भारत में आर्थिक अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा, ”निवेशकों को प्रेरित करने में राजनीतिक स्थिरता और भरोसेमंद नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इन कारकों के चलते भारत आज दुनिया का एक आकर्षक निवेश स्थल बना गया है.” उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी सभी नीतियां आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन के अवसर सृजित करने और मेक इन इंडिया को सहारा देने के लिये बनायी हैं. उन्होंने कहा, ”हम इस बात पर भी ध्यान देते हैं कि निवेशकों को उनके निवेश पर अच्छी कमाई भी हो.”

 

संयुक्त अरब अमीरात में पेश किया रुपे कार्ड
मोदी ने शनिवार यूएई के बाजार में रुपे कार्ड की पेशकश की जिससे यहां की बहुत सी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी भारत के इस डिजिटल भुगतान कार्ड से खरीद की जा सकती है. संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया है. भारत इससे पहले सिंगापुर और भुटान में रुपे कार्ड के चलन को शुरू कर चुका है.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ”भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को एक दूसरे के और नजदीक लाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यूएई में आधिकारिक तौर पर रुपे कार्ड को पेश किया गया. खाड़ी देशों में यूएई पहला देश है जिसने भारतीय रुपे कार्ड को अपनाया है. यूएई की कई कंपनियों ने रुपे भुगतान को स्वीकार करने की बात की है.”

यूएई में भारतीय राजदूत नवदीप सिंह सुरी ने इससे पहले इस हफ्ते में कहा, ”यूएई इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और आकर्षक व्यवसायिक केंद्र है. इस क्षेत्र रहने वाले भारतीय समुदाय के सबसे अधिक लोग यहीं (यूएई में) रहते हैं, सबसे ज्यादा भारतीय पर्यटक यहीं आते हैं और इस सबसे ज्यादा व्यापार भारत के साथ है. इस क्षेत्र में रुपे कार्ड को स्वीकार करने वाला पहला देश बनने के साथ हम उम्मीद करते हैं इससे पर्यटन, व्यापार और भारतीय समुदाय, इनमें से सबको लाभ होगा.” दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2018 में करीब 60 अरब डॉलर का रहा. मोदी फ्रांस, यूएई और बहरीन की तीन देशों की यात्रा के क्रम में शुक्रवार को पेरिस से यहां पहुंचे.