सौंदर्य क्षेत्र में बढ़ रही है कोरियन ब्यूटी की दीवानगी, जानिए क्या है K-Beauty

 पिछले दिनों भारतीय बाजारों में कोरियन ब्यूटी थेरेपी व कॉस्मेटिक्स ‘के ब्यूटी’ के नाम से काफी हिट हो रहे थे। इस तरह के उपचारों व कॉस्मेटिक्स को लेकर लोगों की दीवानगी इस कदर बढ़ गई है कि हर जगह इसी का बोलबाला है। ‘के ब्यूटी’ का जादू पार्लरों से लेकर कॉस्मेटिक उत्पादों तक के क्षेत्र में छाया हुआ है। बड़े शहरों में इसका प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है।

क्या है ‘के’ ब्यूटी?
सौंदर्य के क्षेत्र में साउथ कोरिया में पिछले दशक में काफी प्रयोग हुए। इन्हें ‘के’ ब्यूटी के नाम से जाना जाता है। इसमें वहां के हाइड्रेटिंग व पिगमेंटेशन की समस्याओं को लेकर बने स्किन केयर प्रोडक्ट व कॉस्मेटिक थेरेपीज यहां के शहरों में लोकप्रिय हो रहे हैं। लोगों को एक आसान व बेहतरीन विकल्प के रूप में भा रहे इस थेरेपी व कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट को लेकर लोगों में एक विश्वास जागा है कि उनकी त्वचा की खूबसूरती बढ़ जाएगी।

एंटी के मुहिम में उतरी कंपनियां
‘के ब्यूटी’ को लेकर एशियाई देशों में बढ़ती लोकप्रियता को कम करने के लिए एक ‘एंटी के’ मुहिम भी चली है, जिसमें अन्य देशों के ब्रांड अपना आधिपत्य स्थापित करना चाह रहे हैं। ऐसे में कई बड़े ब्रांड शामिल हो रहे हैं। लेकिन ब्यूटी क्षेत्र के विशेषज्ञों की मानें तो के ब्यूटी के जरिए आसान तरीके से अपनी स्किन की सुरक्षा की जा सकती है।

भारतीय शहरों में इसलिए मिली सफलता
ब्यूटी एक्सपर्ट साक्षी सूद का कहना है कि कोरियाई त्वचा बेहद आकर्षक होती है। इसी कारण शुरुआत में लोग इसके ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर आकर्षित हुए थे। इसके बाद इसकी मांग बढ़ने से कंपनियों ने प्रदूषण व पराबैंगनी किरणों के दुष्प्रभावों से त्वचा को बचाने के लिए प्रोडक्ट व थेरेपीज इजाद की। भारतीय शहरों में इसकी मांग और बढ़ गई क्योंकि कोरिया की ही तरह यहां भी लोगों की त्वचा इन चीजों से प्रभावित हो रही है।

ब्यूटी एक्सपर्ट साक्षी सूद का कहना है कि किसी भी प्रोडक्ट या थेरेपी के पीछे दीवानगी ठीक नहीं है। दिखावे के इस दौर में लोग खूबसूरती को बढ़ाने व उसे बचाने के लिए नए नए प्रयोग करते हैं। ‘के ब्यूटी’ भी इन्हीं में से एक है। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि यह प्रोडक्ट व थेरेपी भारतीय त्वचा व उसकी परेशानियों को काफी हद तक सूट करते हैं। लेकिन लोगों को एक्सपर्ट की सलाह से ही किसी भी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करना चाहिए।

वहीं ब्यूटी एक्सपर्ट कृति डीएस का कहना है कि शॉपिंग साइटों के कारण कोरियन थेरेपी व कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स तक लोगों की पहुंच बढ़ी है। ऐसे में इसके प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है। कुछ प्रोडक्ट्स भारतीय त्वचा के हिसाब से बनाए गए हैं लेकिन लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि हर किसी की त्वचा अलग होती है और उसकी संवेदनशीलता का स्तर, शारीरिक परेशानियां अलग अलग होती हैं। ऐसे में इसका ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है कि किस तरह का प्रोडक्ट या थेरेपी आपको सूट करता है।

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