बिजली के दाम घटे : कांग्रेस ने आप पर किया वार, कहा- फिक्‍स चार्ज के नाम पर लूटा जा रहा

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ, देवेन्द्र यादव और राजेश लिलोठिया ने बिजली बिलों पर लिए जाने वाले फिक्स चार्ज को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनावों को देखते केजरीवाल सरकार ने बिजली की दरों में कुछ कटौती की घोषणा कर दिल्लीवासियों को बेवकूफ बनाया है। जबकि, पिछले डेढ़ वर्ष से फिक्स चार्ज और पेंशन फंड के नाम पर दिल्ली वासियों को लूटा जा रहा है। इसलिए दरों में कटौती की घोषणा को भी पिछले डेढ़ वर्ष से लागू करना चाहिए।

दिवंगत शीला दीक्षित के नेतृत्व में जब पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिला था, तब मांग की गई थी कि दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं से जो 7401 करोड़ रुपया बिजली कंपनियों ने फिक्स चार्ज और पेंशन फंड के नाम पर वसूले हैं, उसे वापस किया जाए। बिजली के बिलों में छह गुना फिक्स चार्ज और पेंशन फंड के नाम पर बिजली कंपनियां बिजली बिल की 3.8 फीसद राशि वसूल रही हैं। जबकि दिल्ली सरकार का इन कंपनियों के साथ समझौता हुआ था कि पेंशन फंड में जो भी कमी आएगी, उसकी भरपाई कंपनियां खुद करेंगी।

यूनाइटेड रेजिडेंट ऑफ दिल्ली के महासचिव सौरभ गांधी का कहना है कि अभी भी स्थायी शुल्क और बिजली की दरें ज्यादा हैं। बिजली कंपनियों के खातों की जांच करके इसे और कम किया जा सकता है। नार्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक भसीन ने आप सरकार के कार्यकाल में बिजली दरें नहीं बढ़ने के दावे को खारिज किया हैं। वहीं, ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष बीएस वोहरा अबतक वसूला गया स्थायी शुल्क लौटाने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष व आरडब्ल्यूए के तेवर को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में बिजली को लेकर घमासान बढ़ेगा।

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