आखिर कौन हैं हेलिकॉप्टर की सवारी करने वाले कूड़ेराम, कूड़ेराम की देशभर में हो रही है चर्चा

 दिल्ली से सटे हरियाणा के बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) के रहने वाले 60 वर्षीयचर्चा  कूड़ेराम की देशभर में हो रही है। दरअसल, फरीदाबाद के नीमका गांव के राजकीय हाईस्कूल में बतौर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कूड़ेराम ने अपनी रिटायरमेंट का जश्न हेलिकॉप्टर में यात्रा करके मनाया है। बताया जा रहा है कि यह उनकी बचपन की इच्छा थी कि एक दिन वह हेलिकॉप्टर में बैठें, जो अब 40 साल बाद रिटायरमेंट के दिन यानी मंगलवार को पूरी हुई।

अपनी 40 साल पुरानी इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार के साथ रिश्तेदारों ने भी आर्थिक मदद मुहैया कराई। इसके बाद कुड़ेराम ने तय कार्यक्रम के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के जरिये अपनी पत्नी और बेटे के साथ पूरे शहर का चक्कर लगाया। इसके लिए साढ़े 3 लाख रुपये किराए के देने पड़े। ये पैसे मार्च में अपने रिश्तेदारों से लेकर दिल्ली से हेलीकॉप्टर बुक करवाया था। कूड़ेराम के भाई शिवकुमार के मुताबिक, इसके लिए हमने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी।  इसके लिए हमने पीडब्ल्यूडी और दमकल विभाग को 40,000 रुपये अदा किए। इसके साथ अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate) भी हासिल किया, तब जाकर 30 जुलाई को यह कूड़ेराम का यह सौभाग्य हासिल हुआ।

सेवानिवृत्ति पर हेलीकॉप्टर से अपने घर पहुंचे कूड़ेराम

मिली जानकारी के मुताबिक, कूड़ेराम महज 20 वर्ष की उम्र में 1989 में स्कूल में बतौर चौकीदार लगे थे। कुछ समय बाद स्कूल का दर्जा उच्च विद्यालय का हो गया, तो वे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बन गए। पूरा सेवाकाल इसी स्कूल में बीता। कूड़ेराम मूलरूप से गांव सदपुरा के रहने वाले हैं।

फरवरी महीने से चल रही थी तैयारी
कूड़ेराम ने अपने परिवार से फरवरी में कहा था कि वे जुलाई में नौकरी से सेवानिवृत्त होंगे। उनकी इच्छा है कि वे सेवानिवृत्त होकर स्कूल से घर हेलिकॉप्टर से आएं। इसे ध्यान में रखते हुए उनके भाई गांव के सरपंच शिव कुमार ने हेलिकॉप्टर की मार्च में ही बुकिंग कर दी।

मंगलवार को ठीक एक बजे गांव नीमका के राजा जैत सिंह स्टेडियम में हेलीकॉप्टर उतरा। नीमका से पहले तो हेलीकॉप्टर उनकी पत्नी रामवती और बेटा किरण पाल को लेकर उड़ा। उन्हें गांव सदपुरा में उतार कर फिर से नीमका पहुंचा। नीमका से दूसरे चक्कर में हेलिकॉप्टर कूड़ेराम और उनके भाई सरपंच शिवकुमार को लेकर उड़ा। उन्हें गांव सदपुरा में उतारा।

इस तरह से हेलिकॉप्टर ने दो बार नीमका से उड़ान भरी और दो बार सदपुरा में उतरा। हेलिकॉप्टर को देखने के लिए दोनों गांवों में ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। सभी ग्रामीणों में चर्चा थी कि आखिर कूड़ेराम की हेलिकॉप्टर से उड़ने की इच्छा पूरी हो गई।

ऐसा था नजारा

दरअसल, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही हेलिकॉप्टर नीमका स्थित राजा जय सिंह स्टेडियम में उतरा तो लोगों की उत्सुकता जाग पड़ी और हेलिकॉप्टर देखने के लिए दौड़ पड़े। शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई बड़ा नेता आया है। जब लोग और करीब पहुंचे तो सच सामने आया। यहां पर हेलिकॉप्टर मैदान में उतरते ही हाईस्कूल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कूड़े राम अपने परिवार और दोस्तों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी और छोटे बेटे को उसमें बैठाया।

परिजनों ने बताया कि कूड़ेराम को 20 साल की उम्र में उन्हें नौकरी मिल गई थी। परिवार की जिम्मेदारी इतनी थी कि यह ख्वाहिश बस मन में ही थी। अब यह ख्वाहिश 40 साल बाद उनके रिटायर्डमेंट पर पूरी हुई।