कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार हिरासत में लिए गए, बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुंचे थे

कर्नाटक में जारी सियाशी ड्रामा महाराष्ट्र पहुंच गया है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और मिलिंद देवड़ा को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में ले लिया। वे मुंबई के रेनेसां होटल में ठहरे कांग्रेस-जेडीएस के 10 बागी विधायकों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई। बेंगलुरु में राजभवन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी हिरासत में ले लिए गए।

उधर, इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने के बाद बुधवार को बागी विधायकों ने विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। विधायकों ने स्पीकर पर आरोप लगाया कि रमेश कुमार अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं। वह जानबूझकर इस्तीफे की स्वीकृति में देरी लगा रहे हैं। इस मामले की गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

विधायकों ने शिवकुमार गो बैक के नारे लगाए

कांग्रेस नेता शिवकुमार को मुंबई पुलिस ने होटल में जाने से रोका था। इस पर शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने यहां रूम बुक किया है। कुछ दोस्त यहां रुके हुए हैं। उनके बीच छोटी सी समस्या हो गई है। विधायकों से बातचीत करना चाहता हूं। यहां डराने-धमकाने की कोई बात नहीं है। वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। वहीं, जेडीएस नेता नारायण गौड़ा के समर्थकों ने होटल के बाहर शिवकुमार गो बैक के नारे लगाए।

कर्नाटक सरकार में मंत्री शिवकुमार ने कहा, ‘‘वे अपना काम कर रहे हैं। हम अपने दोस्तों से मिलने आए हैं। हमने एक साथ राजनीति शुरू की और एक ही साथ राजनीति में मरेंगे। वे हमारी पार्टी के लोग हैं और हम उनसे मिलने आए हैं। मैं अपने दोस्तों से बिना मिले नहीं जाऊंगा।’’

हम शिवकुमार से नहीं मिलना चाहते- बागी विधायक

वहीं, कांग्रेस के बागी विधायक रमेश जारकिहाली ने कहा कि हम उनसे नहीं मिलना चाहते। भाजपा का कोई भी नेता हमसे मिलने यहां नहीं आया है। बी. बस्वराज ने भी कहा कि हमारा शिवकुमार का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है। हमें उनपर भरोसा है, लेकिन ऐसा कदम उठाने का कारण है। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे यह समझने का प्रयास करें कि हम उनसे आज नहीं मिल सकते।’’ बागी विधायकों ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और शिवकुमार से खतरा है। इसे लेकर विधायकों ने मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की।

13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे कानूनन सही नहीं- स्पीकर

विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने मंगलवार को 13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए थे। उन्होंने कहा था, ‘‘13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे कानूनन तौर पर सही नहीं है। इस बारे में राज्यपाल वजुभाई पटेल को भी जानकारी दे दी है। किसी भी बागी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की। मैंने राज्यपाल को भरोसा दिलाया है कि मैं संविधान के तहत काम करूंगा। जिन पांच विधायकों के इस्तीफे ठीक है, उनमें से मैंने 3 विधायकों को 12 जुलाई और 2 विधायकों को 15 जुलाई को मिलने का वक्त दिया है।”

भाजपा नेताओं ने विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया

भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बुधवार को मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। विधायकों के इस्तीफे के बाद सोमवार को उन्होंने कहा था कि नैतिक आधार पर उन्हें सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

 

‘कांग्रेस ने कुमारस्वामी को बहुत परेशान किया’

जेडीएस विधायक गौड़ा ने कहा कि हम गठबंधन सरकार से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि दोनों पार्टियों में कोई एकता नहीं है। कांग्रेस ने एचडी कुमारस्वामी को बहुत परेशान किया है। उन्होंने वह नहीं करने दिया जाता जो वह चाहते हैं। जब वह हमें बुलाएंगे तो हम स्पीकर से मिलेंगे, हमने पार्टी नहीं छोड़ी, केवल विधायकी से इस्तीफा दिया है।

‘हम यहां पैसों के लिए नहीं आए’

एक विधायक ने हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) के आरोपों पर कहा कि हम यहां पैसों के लिए नहीं आए। हमें कोई पैसे नहीं दे रहा। हमने पार्टी को सौ बार अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। कुछ मंत्री हमारा मजाक उड़ाते थे। विधायक नारायण गौड़ा ने कहा कि किसी ने हमें सूचना दी थी कि मुख्यमंत्री और शिवकुमार यहां विधायकों से बात करने आने वाले हैं। उनके साथ कोई बैठक नहीं करना चाहते है, इसलिए पुलिस से सुरक्षा देने के लिए कहा है।

सिद्धारमैया ने विधायकों की योग्यता खारिज करने की मांग की थी

इससे पहले कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा था कि हम स्पीकर से दलबदल कानून के तहत बागी विधायकों पर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं। हम अनुरोध करते हैं कि उन्हें न केवल अयोग्य घोषित करें बल्कि 6 साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोकें। विधायकों ने भाजपा से समझौता कर लिया है।

कांग्रेस के 11 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया।

14 विधायकों के इस्तीफे के बाद क्या होगी स्थिति?
शनिवार को कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायकों ने स्पीकर को इस्तीफा दे दिया था। अगर 14 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होते हैं तो विधानसभा में कुल 210 सदस्य रह जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर ये संख्या 209 रह जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए 105 विधायकों की जरूरत होगी। कुमारस्वामी सरकार के पास केवल 102 विधायकों का समर्थन रह जाएगा। ऐसे में सरकार अल्पमत में आ जाएगी।

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