400 करोड़ रु. का आसामी निकला रिटायर्ड एसडीओ; ट्यूबवेल खोदते-खोदते अरबपति बन गया

पीएचई के रिटायर्ड एसडीओ सुरेश उपाध्याय के यहां ईओडब्ल्यू के छापे में करीब 400 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। ईओडब्ल्यू की 65 लोगों की टीम ने मंगलवार को जबलपुर में उपाध्याय के चार ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। इसमें 200 एकड़ जमीन, 150 भूखंड, दो किलो सोना, पांच किलो चांदी, ढाई लाख रु. नकद और कई कंपनियों में निवेश का पता चला हैं।

एसपी ईओडब्ल्यू देवेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि संपत्ति के कागजात मिले हैं, उसमें 50 करोड़ की संपत्ति का पता चल चुका है। उपाध्याय की पत्नी अनुराधा 10 साल पहले भाजपा से पार्षद चुनी गई थीं। फिलहाल उनके पास कोई पद नहीं है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सम्पत्ति संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही सम्पत्ति का आकलन किया जा सकेगा।

कई कंपनियों में निवेश 
उपाध्याय के घर से संपत्ति संबंधी जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें कई कंपनियों में निवेश का पता चला है। प्रारंभिक जांच में चार कंपनियों वीनस इंडिया, डाल्फिन इंडिया, आदित्य इंफ्रा और गंगा फूड्स में भारी राशि निवेश के दस्तावेज जब्त किए गये हैं। जांच टीम द्वारा इन दस्तावेजों का सत्यापन कर संपत्ति का आकलन किया जाएगा।

पहले भी तीन बार हो चुकी शिकायत 
उपाध्याय के खिलाफ रिटायर होने से पहले दो बार 2010 व 2014 व रिटायर होने के बाद 2015 में शिकायत की गईं थीं। इन शिकायतांे के आधार पर ही ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को सुबह से ही छापेमारी की।

उपाध्याय, पत्नी और बेटे पर केस दर्ज 
ईओडब्ल्यू डीएसपी राजवर्धन माहेश्वरी ने बताया है कि उपाध्याय के द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचकर अपनी पत्नी पूर्व पार्षद भाजपा नेत्री अनुराधा उपाध्याय, पुत्र सचिन उपाध्याय के साथ मिलकर धारा 120 बी, 13-1 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध कारित किया जाना पाये जाने पर मामला दर्ज कर जाँच में लिया गया है।

बैंक खाते खंगाले जाएंगे 
सूत्रों के अनुसार छापे के दौरान आय से अधिक संपत्ति का खुलासा होने के बाद जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं उनकी जांच व बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच टीम संभवत: बैंक खातों को भी खंगाल रही है।

उपाध्याय की पत्नी भाजपा नेता, बेटा बिल्डर, राजनेताओं से भी संबंध 

  • सुरेश उपाध्याय सब इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर और बढ़ते-बढ़ते एसडीओ से रिटायर हुआ। पीएचई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में पूरी नौकरी निकल गई। जबलपुर जिले में ही पदस्थापना रही। एक स्व. पूर्व विधायक के बेहद नजदीकी होने का फायदा लिया।
  • ड्रिलिंग मशीन चलाने और ट्यूबवेल खोदने का काम किया। सूत्र बताते हैं कि 1990 के बाद पीएचई में ड्रिलिंग की बड़ी मशीनें आईं और इसके बाद ही कमाई के रास्ते खुले। यह सिलसिला 2005 तक चलता रहा और तब तक हर जिले में 2000 तक ट्यूबवेल व हैंडपंप खोदे गए।
  • 100 से 200 फीट की खुदाई को 300 से 400 फीट का बताकर भुगतान उठाया गया। इसी में जमकर कमीशन का खेल हुआ। सूत्रों का कहना है कि कई मर्तबा बिना खोदे ही बिल बनवाकर करोड़ों कमाए।
  • वेतन से केवल 53 लाख रुपए आय, फिर भी आलीशान बंगला, करोड़ों की जमीन व लग्जरी कारों का काफिला
  • पीएचई विभाग में सुरेश उपाध्याय की सेवा अवधि के दौरान वेतन से आय 53 लाख 26 हजार 438 रुपए हुई, जिसमें असत्यापन योग्य खर्च 33 प्रतिशत यानी कुल राशि 17 लाख 57 हजार 724 रु. व्यय करना संभावित है।
  • उपाध्याय की पत्नी अनुराधा उपाध्याय की चैक पीरियड के दौरान प्रस्तुत किए आयकर रिटर्न की जांच में कुल आय करीब 1 करोड़ 14 लाख 30 हजार 793 रुपये पाई गयी।
  • उपाध्याय, पत्नी अनुराधा और पुत्र सचिन के नाम पर कई लग्जरी वाहन, जबलपुर में आलीशान मकान, फार्म हाउस, कृषि भूमि, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी, एफडी, शेयर और काफी मात्रा में विलासिता का सामान मिला है।
  • बेटा सचिन बिल्डर है। बताते हैं कि पिता के संबंधों और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल रियल एस्टेट में हुआ। कई बड़े लोगों का निवेश भी बताया जा रहा है।