न्यूजीलैंड – 2020 में लोग मॉल और सुपरमार्केट से भी वोट डाल सकेंगे

2017 में पांच में से एक व्यक्ति ने वोट नहीं दिया

  1. रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में हुए मतदान में पांच में से एक व्यक्ति ने वोट नहीं दिया था। पिछली बार लेबर पार्टी की जेसिंडा आर्डर्न को प्रधानमंत्री चुना गया था। न्यूजीलैंड की मिक्स्ड मेंबर प्रोपोर्शनल (एमएमपी) वोटिंग सिस्टम के तहत आर्डर्न ने न्यूजीलैंड फर्स्ट और ग्रीन पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई। जबकि न्यूजीलैंड नेशनल पार्टी को लेबर पार्टी से ज्यादा वोट मिले थे।
  2. न्याय मंत्री एंड्रयू लिटिल ने कहा कि वोटिंग सिस्टम में बदलाव के बाद मतदान करना और भी आसान होगा। योग्य मतदाता एक ही दिन में पंजीकरण कराकर वोट दे सकते हैं। वोट सुपरमार्केट और मॉल से भी दिया जा सकेगा। अब तक चर्चों, स्कूलों और काउंसिल हॉल्स में मतदान किया जाता रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करना है।
  3. विपक्षी नेशनल पार्टी ने इस बदलाव का विरोध किया है। पार्टी प्रवक्ता निक स्मिथ ने कहा कि इस कानून के लागू होने से गठबंधन सरकार का समर्थन करने वाली लेबर और ग्रीन पार्टियों को फायदा होगा। हम चुनाव में अपनी पूर्ण भागीदारी के साथ निष्पक्ष चुनाव भी चाहते हैं।
  4. ग्रीन पार्टी की सांसद गोलरिज गाहरमन ने इस कानून का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह एक सुलभ और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 2017 के आम चुनाव में 6.5% युवा वोटर्स की संख्या बढ़ी थी।

    Golriz Ghahraman

    @golrizghahraman

    The Nats are upset that we’re making it easier for NZers to vote. Imagine admitting you depend on arbitrary bars on voting to succeed in politics! We’re making it easier because open democracy is good for NZ 💚💚💚 @NZGreens

    HAMARA METRO
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com