जानें दिल्‍ली-एनसीआर में कंक्रीटों के बीच क्‍यों खो रही हरियाली

दिल्‍ली-एनसीआर में मानसून जल्‍द ही दस्तक देने जा रहा है। वहीं इस सीजन में सरकारी महकमा पौधरोपण के लिए तैयार नहीं है। हर साल की तरह इस बार भी पौधरोपण के नाम पर सरकारी मुलाजिम खानापू्र्ति कर रहे हैं। बड़े स्तर पर  पौधरोपण करने के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और वन विभाग सहित कई सरकारी विभाग ने अब तक इस पर कोई तैयारी नहीं की है।

नगर निगम ने दावा किया है कि कुछ नर्सरी में पौधरोपण की तैयारी शुरू की है। हालांकि ये पौधे अभी काफी छोटे हैं इसलिए  इनको इस वर्ष नहीं लगाया जा सकता है। साथ ही नगर निगम बाहर से नसर्री के लिए पौधे मंगवाते हैं जिसमें पर लाखों रुपये खर्च होते हैं मगर पौधे लगाने के बाद इनकी देखभाल नहीं हो पाती है। जंगल अब शहर की कंक्रीट में तब्दील होती जा रही है।

गगनचुंबी इमारतें खड़ी की जा रही हैं, लेकिन हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं हो रहा है। दिल्‍ली -एनसीआर में हरियाली नहीं आने के दो कारण मुख्‍य हैं। इनमें -नए पौधे का नहीं लगना और ग्रीन बेल्टों की देखभाल नहीं करने मुख्‍य है।

वहीं कई पार्कों का मेंटेनेंस भी सही से नहीं किया जाता है। गुरुग्राम  मेटोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने भी शहर में हरियाली बढ़ाने का कोई भी प्रयास नहीं किया है। ग्रीन बेल्ट शहर में जगह-जगह कचरा और मलबा पड़ा हुआ है और खाली पार्कों में पौधरोपण भी नहीं किया गया है । इसके साथ ही शहर की मुख्य सड़कों पर लगे पौधे भी खत्म हो चुके  हैं।

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