NGO येश्वर्याज ने तय किया यूपी सूचना आयुक्त के खिलाफ राजभवन जाने वाला प्रतिनिधिमंडल

NGO येश्वर्याज ने तय किया यूपी सूचना आयुक्त के खिलाफ राजभवन जाने वाला प्रतिनिधिमंडल

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यूपी के सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट के भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर
समाजसेविका उर्वशी शर्मा के नेतृत्व में यूपी के
राजभवन जाकर राजयपाल राम नाईक से आने वाली 22 तारीख को मिलने वाला
प्रतिनिधिमंडल तय हो गया है । येश्वर्याज के बर्लिंगटन स्थित कार्यालय
में  उर्वशी शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि
इस प्रतिनिधिमंडल में उर्वशी के साथ 1  समाजसेवी, 1 अधिवक्ता , 1
पत्रकार और बिष्ट द्वारा प्रताड़ित किये गए 4 एक्टिविस्ट जाएंगे ।

गौरतलब है कि  राजधानी स्थित सामाजिक संगठन ‘येश्वर्याज’ द्वारा   दिए गए
अनुरोध पत्र पर कार्यवाही करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने
आगामी 22 सितंबर को संगठन के 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से व्यक्तिगत
भेंटवार्ता करने का समय प्रदान किया है।

‘येश्वर्याज’ की संस्थापिका उर्वशी शर्मा ने बताया कि राजभवन ने उनको
दूरभाष के माध्यम से इस आशय की सूचना दी थी  । उर्वशी ने बताया कि उनके
नेतृत्व  में संगठन के सदस्यों,समाजसेवियों,अधिवक्ताओं का सम्मिलित
प्रतिनिधिमंडल आगामी 22 सितंबर को राज्यपाल से भेंटवार्ता कर उनको सूचना
आयुक्त अरविंद सिंह की अनियमितताओं के संबंध में ज्ञापन और प्रमाण
राज्यपाल को सौंपकर बिष्ट के खिलाफ प्रशासनिक और विधिक कार्यवाही की मांग
उठायेगा।

गौरतलब है कि ‘येश्वर्याज’ की मुहिम के परिणामस्वरूप अरविंद सिंह बिष्ट
द्वारा सूचना आयुक्त के रूप में लखनऊ विकास प्राधिकरण के कार्य के
पर्यवेक्षण को हितों के टकराव के सिद्धांत के खिलाफ पाए जाने के बाद
विगत दिनों सूचना आयोग द्वारा बिष्ट को लखनऊ विकास प्राधिकरण संबंधी
मामलों से विलग कर दिए जाने से उत्साहित यूपी के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने
बीते दिनों लखनऊ के धरना स्थल लक्ष्मण मेला मैदान में ‘येश्वर्याज’ के
बैनर तले समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा के नेतृत्व में
धरना देकर सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट और इनके परिवार पर
धोखाधड़ी,भ्रष्टाचार,जमीनों के अवैध कारोबार और मनीलॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर
आरोप लगाए थे और सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट को निलंबित कर आरटीआई
एक्ट की धारा 17 में जांच कराने के साथ-साथ सतर्कता जांच कराने की मांग
बुलंद करते हुए अरविन्द सिंह बिष्ट का पुतला फूँककर जिला प्रशासन के
माध्यम से सूबे के राज्यपाल और सीएम को 3 सूत्रीय मांगों वाले ज्ञापन
भेजे थे l

सूचना आयुक्त  अरविंद सिंह बिष्ट पर अपनी पत्नी अम्बी बिष्ट वर्तमान उप
सचिव – लखनऊ विकास प्राधिकरण  के साथ फर्जीबाड़ा करके लखनऊ विकास
प्राधिकरण की ट्रांसगोमती चाँदगंज योजना में 12 हज़ार वर्गफुट के भूखंड का
पट्टा कराने की जालसाजी का गंभीर आरोप पिछले दिनों ही लगा है l

उर्वशी ने बताया कि समाचार पत्रों के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है
कि बिष्ट परिवार ने  भ्रष्टाचार और जालसाजी से लखनऊ के  विराटखंड
गोमतीनगर,विराजखण्ड गोमतीनगर,शारदानगर योजना रत्नखण्ड,UPSIDC के
कुर्सीरोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया,नेहरू एन्क्लेव,मोहनलालगंज,बख्शी का
तालाब,सीतापुर रोड,विश्वास खंड,टीजी
चाँदगंज योजना,गोमतीनगर विस्तार,वास्तु खंड,रुचिखण्ड,विकासखंड,कानपुर रोड
योजना की कई दर्जनों संपत्तियों के अलावा लखनऊ के बाहर भी अवैध स्रोतों
से संपत्तियां अर्जित कीं हैं और ये परिवार मनीलॉन्ड्रिंग के साथ-साथ
जमीनों का अवैध कारोबार करने में भी संलिप्त है ।मामले को पूरे सूबे की
जनता को प्रभावित करने वाला
मामला बताते हुए उर्वशी ने बताया कि वे यूपी के राज्यपाल से मांग करेंगी
कि अरविन्द सिंह बिष्ट को आरटीआई एक्ट की धारा 17(2) के तहत तत्काल
निलंबित किया जाए, अरविन्द सिंह बिष्ट के खिलाफ अब तक प्राप्त सभी
शिकायतों का निस्तारण आरटीआई एक्ट की धारा 17 में विहित प्रक्रिया का
पालन कर तत्काल कराया जाए और अरविन्द सिंह बिष्ट और इनके परिवार की
धोखाधड़ी,भ्रष्टाचार,जमीनों के  अवैध कारोबार और मनीलॉन्ड्रिंग
की अनियमितता के समाचारों संज्ञान लेकर प्रकरण में  एफ.आई.आर. लिखाने के
साथ-साथ सतर्कता जांच संस्थित कराई जाए।

उर्वशी ने बताया कि उनको आशा है कि उनके संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मिलने
के बाद राज्यपाल राम नाईक इस मामले में प्रशासनिक और  विधिक कार्यवाही
अवश्य कराएंगे

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