योगराज ने युवराज से मांगा पोता; कहा- उसे दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बनाकर खुशनसीब दादा भी बनना चाहता हूं

विश्व क्रिकेट को हाल ही में अलविदा कहने वाले युवराज सिंह से उनके पिता पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने पोता देने की ख्वाहिश जताई है। भारतीय टीम के हरफनमौला खिलाड़ी रहे योगराज सिंह ने फादर्स डे पर दिए इंटरव्यू में कहा कि युवराज ने उन्हें प्राउड फादर बनाया है, अब युवराज से पोता मांगा है, उसे दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बनाकर खुशनसीब दादा भी बनना चाहता हूं।

युवराज ने पूरा किया सपना
क्रिकेटर योगराज सिंह भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं। एक इंजरी के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़कर पंजाबी सिनेमा में एंट्री ले ली थी। योगराज ने बताया – “मैं खुद वर्ल्ड कप खेलना चाहता था, लेकिन मैं नहीं खेल पाया। जब युवराज ने विश्वकप में अपना धमाकेदार प्रदर्शन किया, तब लगा कि मेरा वर्ल्डकप खेलने का सपना पूरा हो गया। अगर युवराज को कैंसर न होता और उसका घुटना फ्रैक्चर न हुआ होता तो वह दुनिया के सभी रिकॉर्ड तोड़ देता।”

पहला मैच खेलने पर युवराज को दी थी कार
योगराज सिंह ने बताया “युवराज मुझसे गाड़ी की मांग करता था तो मैं यही कहता था कि तूने अचीव क्या किया है। जब 2001 में श्रीलंका के विरुद्ध पहली बार उसने इंटरनेशनल मैच खेला, तब मैने उसे स्पोर्ट्स कार लेकर दी थी। युवराज ने इस कार में अपनी पसंद का दो लाख रुपए का म्यूजिक सिस्टम लगाया था।

युवी को ग्राउंड से विदाई मिलती तो अच्छा लगता
युवराज ने पिछले दिनों क्रिकेट को अलविदा कहा है। युवराज सिंह के इस फैसले पर योगराज भावुक हैं और संतुष्ट भी। उन्होंने कहा “जिस तरह सचिन ने आखिरी मैच खेलते हुए क्रिकेट ग्राउंड को अलविदा कहा था, ठीक उसी तरह युवराज भी रिटायरमेंट लेता और मैं उसे वहां गले लगाता तो अच्छा लगता। ऐसा नहीं हुआ और मुझे इसका मलाल रहेगा। मैंने कभी भी युवराज को लाइव खेलते नहीं देखा। रिटायरमेंट मैच में उसे खेलते देखना चाहता था।”

रिटायरमेंट से पहले गले मिलकर खूब रोए थे पिता-पुत्र
“युवराज ने अचानक बताया कि वह रिटायरमेंट ले रहा है और 2 व 3 जून को डॉक्युमेंट्री शूट के लिए चंडीगढ़ आएगा। इस दौरान दो दिन तक मैं युवराज के साथ रहा। सेक्टर-11 के पुराने घर गया जहां युवराज का बचपन बीता, डीएवी कॉलेज गया जहां वह प्रैक्टिस करता था। जब सेक्टर-16 के क्रिकेट ग्राउंड गया तो हम दोनों एक दूसरे के गले लगकर खूब रोए। ऐसा 20 साल बाद हुआ था। दो दिन में ऐसा लगा कि 200 साल जी लिया।”

प्लास्टिक की बॉल से कांच तोड़ा था तब समझ गया था यह गार्फील्ड सोबर्स जैसा बल्लेबाज बनेगा
योगराज सिंह ने बताया- “युवराज महज डेढ़ साल का था जब मैंने कह दिया था कि मैं इसे वर्ल्ड चैंपियन बनाऊंगा। इसके बाद मैं इसके लिए प्लास्टिक का बैट और बॉल लेकर आया। मां से कहा कि बॉल इसकी ओर फेंको, जब मां ने बॉल फेंकी तो युवराज ने घूमा के बॉल को मारा, जिससे खिड़की का शीशा टूट गया। मैंने तभी कह दिया था कि यह सर गार्फील्ड सोबर्स जैसी बैटिंग करता है।”

सख्त ट्रेनिंग पर नाराज होती थीं युवराज की मां
योगराज बोले “युवराज की उन्होंने इतनी सख्त ट्रेनिंग की है कि युवराज की मां कहती थीं कि तुम बच्चे को मार दोगे। मैं कहता था मर जाएगा तो मर जाए। तुम जवान हो और पैदा कर लेंगे। मैं इसे ऐसे ही प्रैक्टिस करवाऊंगा। वह नाराज हुई तो मैंने कहा कि तुम अपने मायके चले जाओ। ऐसा हुआ भी। मेरा मानना है कि अगर कोई बच्चा स्कूल में पढ़ने के बाद घर पर भी छह घंटे पढ़ता है तो वह जीनियस बनता है। मैंने यह युवराज के लिए क्रिकेट में अपनाया। इसलिए ग्राउंड में प्रैक्टिस के अलावा उससे घर पर भी प्रैक्टिस करवाता था।”

ट्रेनिंग पर युवराज ने कहा था- मेरे पिता वो ड्रैगन हैं जो बाउंसर्स के साथ आग फेंकते हैं
युवराज महज दो साल के ही थे जब योगराज ने उनकी क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। ट्रेनिंग भी इतनी सख्त थी कि युवराज को भी कहना पड़ा था कि मेरे पिता ड्रैगन हैं। ऐसे ड्रैगन जो बाउंसर्स के साथ आग फेंकते थे।

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