हरियाणा की एक फैक्ट्री में हुए धमाके से दो चीनी इंजीनियर समेत तीन की मौत

दिल्ली से सटे हरियाणा में एक बड़े में दो चीनी इंजीनियर की मौत हो गई। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाकर तीनों शवों को बाहर निकाला। प्रशासनिक अधिकारी फैक्ट्री में लगी आग के कारणों की पड़ताल में जुटे हैं। दरअसल, नूंह के रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में रिपयेरिंग के दौरान ओवन फटने से दो चीनी इंजीनियर सहित तीन लोगों की जलकर मौत हो गई।

रोजका मेव आइएमटी स्थित पुसलीन बायोटेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में पशुओं की हड्डियों का पाउडर बनाया जाता है, जिसे दवाइयों में प्रयोग किया जाता है। इस पाउडर को भारी तापमान वाले ओवन में सुखाया जाता है। कुछ दिन पहले फैक्ट्री का ओवन खराब हो गया था, जिसे ठीक करने के लिए चीन से चीफ इंजीनियर जीजीआन तथा प्रोडक्शन इंजीनियर झांग यांग आए थे। रविवार को दोनों इंजीनियर ओवन ऑपरेटर गुरुग्राम के सोहना थाना के गांव दौला निवासी विक्की राजपूत के साथ ओवन ठीक कर रहे थे। इसी बीच अचानक जोरदार आवाज के साथ ओवन फट गया। तेज धमाके के साथ लगी आग ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही देर में फैक्ट्री में आग फैल गई।

कर्मचारियों की सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फिर पुलिस के सहयोग से तीनों के शव बाहर निकालने का प्रयास किया। शवों को आग से बाहर निकालने में फैक्ट्री में रह-रहकर लग रही आग और ओवन फटने से फैले कबाड़ बाधा बन रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसा इतना जोरदार था कि शव के कुछ हिस्से धमाके के साथ ही बाहर आ गए। धमाका के बाद आसपास के लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

रोजकामेव औद्योगिक क्षेत्र में धमाके साथ ओवन फटते ही फैक्ट्री में आग लग गई। हादसे के बाद हड़कंप मच गया। दहशत में आए कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों की मानें तो उन्हें ऐसा लगा जैस कि परिसर में बम फटा हो। उन्होंने सबसे पहले फैक्ट्री से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया और फिर पुलिस को सूचना दी।

पुसलिन बायोटेक्नोलॉजी प्रा. लि. कंपनी में रविवार को करीब दो बजे के करीब धमाका हुआ। कर्मचारियों में अपनी जान बचाने के लिए भगदड़ मच गई। सभी कर्मचारी भयानक हादसे के डर से भाग खड़े हुए। हर किसी को अपनी जान बचाने की लगी थी। घटना स्थल पर मौजूद कर्मचारी कपिल ने बताया बहुत तेज धमाका हुआ था। जिसमें कर्मचारी सभी डर के मारे बाहर आ गए। सभी डर के मारे अपने-अपने को बचाने के लिए भागते नजर आए। सुमित कुमार ने कहा, मैंने इससे पूर्व कभी कोई ऐसा हादसा नहीं देखा। हम अपने कार्य में व्यस्त थे। लेकिन अचानक से हुए धमाके ने पूरी फैक्ट्री को हिलाकर रख दिया।

गांव दौहला के निवासी विक्की राघव की मौत सुन परिवार के साथ पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। पहले तो लोगों को यकीन ही नहीं हुआ पर जब पुलिस की ओर से विक्की की मौत की पुष्टि की गई तो लोगों के पैरों तले जमीन निकल गई। विक्की की पत्नी शिवानी को बेहोश हो गई। करीब दस मिनट बाद उसे होश आया। वह रोते हुए यही कह रही थी कि कंपनी से ही फोन कर कहा था शाम को खाना जल्दी बना लेना। खाने की तैयारी कर ही रही थी कि शाम छह बजे पति के मौत की सूचना आ गई। विक्की की 10 फरवरी को शादी हुई थी। परिजनों के मुताबिक पत्नी को दो माह का गर्भ है। यह सूचना पाकर विक्की चार दिनों से खुश नजर आ रहा था। कंपनी में भी उसने अपने साथ काम करने वाले सहयोगियों से खुशी साझा की थी। सेना में तैनात बड़े भाई संजय राघव को भी ताऊ जी बनने की खुशी दे डाली थी।

… तो बड़ा हो सकता था हादसा, जातीं कई जान

रोजका मेव स्थित 281 नंबर प्लांट में हुए भयानक हादसे से आसपास की कपंनियों में कार्य करने वाले कर्मचारी भी सहमे हैं। गनीमत रही की यह हादसा रविवार के दिन हुआ। अधिकतर कर्मचारी अवकाश पर थे। अगर अवकाश नहीं होता तो यह बड़ा हादसा हो सकता था, कई जान भी जाने की आशंका थी। दूसरा ओवन पर वेलिं्डग का कार्य करने के दौरान दो चीनी व एक भारतीय नागरिक साथ में थे। पुसलिन बॉयोटेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में करीब साठ कर्मचारी कार्य करते थे। घटना के समय भी प्लांट में करीब 25 कर्मचारी मौजूद थे। लेकिन वे दूसरी ओर कार्य कर रहे थे। गनीमत रही की घटना के दौरान कंपनी के अन्य कर्मचारी वहां मौजूद नहीं थे। जिससे इतना बड़ा हादसा होने से टल गया।

इंद्रजीत सिंह (डीएसपी नूंह) का कहना है कि तीनों शवों को हादसे के बाद काफी मशक्कत के कंपनी से बरामद कर नलहड मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। आग पूरी तरह से काबू में है। आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है।