इस नियम के बनते ही वाहन चोरों की खैर नहीं, गाड़ी चलाते ही पकड़ लेगी पुलिस

यातायात विभाग से नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में दर्ज चोरी के वाहनों का डाटा साझा किया जाएगा। विभाग का कहना है कि बीते साल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यातायात विभाग के ई-चालान वाले वाहनों का डाटा एनसीआरबी व एनआइसी से जोड़ने का प्रस्ताव रखा था। अब मंत्रालय प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रहा है और शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

ई चालान का डाटा साझा होते ही पकड़े जाएंगे 
विभाग का मानना है कि ई-चालान का डाटा एनसीआरबी से साझा होने पर चोरी के वाहनों को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे व यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का ई-चालान किया जाता है। जिन वाहनों के ई-चालान किए जाते हैं, उनका डाटा एनआइसी से संबद्ध होता है। विभाग एनआइसी से वाहनों का डाटा लेकर चालकों के घर चालान भेजता है।

पॉप-अप से चलेगा पता 
विभाग का कहना है कि चालान वाले वाहनों का डाटा एनसीआरबी से साझा होने पर उसे कहीं से कोई भी देख सकेगा। यदि चोरी हुए वाहन का नोएडा में ई-चालान किया गया है, तो उसका एनसीआरबी पर एक पॉप-अप आएगा। पॉप-अप से पता चल जाएगा कि वाहन कहीं से चोरी किया गया है और पुलिस को उस वाहन को पकड़ने में काफी मदद मिल जाएगी।

अब शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्‍मीद 
पुलिस अधीक्षक (यातायात) अनिल कुमार झा ने बताया कि एनसीआरबी से डाटा साझा करने को लेकर बीते साल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक हुई थी। उस दौरान एनआइसी, यातायात विभाग व एनसीआरबी के डाटा को एक-दूसरे से साझा करने को लेकर प्रस्ताव रखा गया था। अब उस प्रस्ताव को मंजूरी देने को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। मंत्रालय से शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है।