अब आपके शहर की हवा सुधारने के लिए काम करेगा गूगल, देगा डेटा, पढ़े और जानें कैसे सुधरेगी हवा

गूगल अब देश दुनिया में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी काम करेगा। इसके तहत गूगल की ओर से वैज्ञानिकों को तमाम बड़े शहरों के वायु प्रदूषण के डेटा उपलब्ध कराए जाएंगे जिसके आधार पर वैज्ञानिक वहां की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए काम कर सकेंगे। वैज्ञानिक इसके लिए राय भी देगें और वहां के प्रशासन से उस पर अमल करने के लिए भी कहेंगे।

दरअसल पूरा विश्व इन दिनों तमाम तरह के प्रदूषण से परेशान है। इसमें सबसे अधिक लोग वायु प्रदूषण से पीड़ित है। बड़े शहरों में गाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है, इनमें इस्तेमाल किए जाने वाले तेल के जलने से जो जहरीली गैसें निकलती है वो जानलेवा होती है। जानकारी के अनुसार अकेले दिल्ली में ही बाकी सभी बड़े शहरों के मुकाबले गाड़ियों की संख्या अधिक है। इनमें आए दिन बढ़ोतरी हो रही है। समुद्र के किनारे बसे होने की वजह से मुंबई में रहने वाले वायु प्रदूषण से इतने अधिक परेशान नहीं होते हैं जितने कि राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले। अब तो आलम ये हो गया कि वायु प्रदूषण से परेशान होने वाले साल के दो से तीन माह यहां से दिल्ली एनसीआर के इलाके से बाहर ही चले जाते हैं। उसके बाद मौसम सामान्य होने पर लौटते हैं।

साल 2018 के नवंबर-दिसंबर की ही बात करें तो दिल्ली एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के आसपास तक पहुंच गया था। इसका मानक 500 निर्धारित है। जब प्रदूषण के डेटा इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच गए तो इन पर रोक के लिए उपाय किए जाने लगे। इससे पहले तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। आलम ये हो गया कि एनवायरमेंट पलूशन कंट्रोल कमेटी को भी इसमें दखल देना पड़ा, उसके बाद वायु प्रदूषण पर रोक के लिए कदम उठाने शुरू किए गए। निर्माण वाली जगहों को कवर करना शुरू किया गया, सड़क किनारे उठने वाली धूल को रोकने के लिए पौधे लगाए जाने शुरू किए गए। इसके अलावा निर्माण कार्यों और कई अन्य वजहों से भी वायु प्रदूषण में इजाफा होता रहता है।

वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अब गूगल ने भी कदम उठाया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन वर्षो में गूगल ने ये डेटा जुटाए हैं। कारों में इंटरनेट से जुड़े वायु गुणवत्ता सेंसर से ग्रीनहाउस गैस मीथेन, पार्टिकुलेट मैटर, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड समेत अन्य गैसों की माप लेकर आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।

गूगल वैज्ञानिकों के लिए वायु गुणवत्ता के आंकड़े जारी कर रहा है, जिसे उसने प्रोजेक्ट ‘एयर व्यू’ के तहत अपनी स्ट्रीट व्यू कारों के साथ कैलिफोर्निया के बे एरिया और सेंट्रल वैली से एकत्र किया था। कंपनी के पास पहले से ही ह्यूस्टन, साल्ट लेक सिटी, कोपेनहेगन, एम्स्टर्डम और लंदन में इसी तरह की परियोजनाएं चल रही हैं। 2019 के अंत तक, सर्च इंजन दिग्गज गूगल ने एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका सहित अन्य महाद्वीपों के लिए प्रोजेक्ट एयर व्यू का विस्तार करने की योजना बनाई है। गूगल की ओर से बताया गया है कि ये पूरा डेटा सेट जनता के लिए उपलब्ध नहीं होगा, लेकिन वैज्ञानिकों को गूगल ये आंकड़े देगा, ताकि वो इस पर शोध कर सके, उनके शोध से ही देश दुनिया में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकेगा।

वायु प्रदूषण को कम करने में इस तरह से उठा सकते हैं कदम:-

– पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं।

– बाजार से सामान खरीदने के लिए, गिफ्ट देने के लिए या सब्जी आदि लाने के लिए हमेशा कपड़े के थैले का ही इस्तेमाल करें।

– धूम्रपान न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है बल्कि इसकी वजह से हवा भी प्रदूषित होती है, धूम्रपान ना करने से वायु प्रदूषण को कम करके पर्यावरण को बचाया जा सकता हैं।

– आज प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बढ़ते वाहनों की संख्या भी है। ऐसे में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपने वाहनों का सही से ख्याल रखें और समय-समय पर प्रदूषण की जांच करवाते रहें। ऐसा करके आप पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं।