आर्थिक तंगी से बचने के लिए ऐसे करें प्लानिंग, ये 3 चीजें हैं सबसे खास

 लाइफ में कभी भी फाइनेंशियल क्राइसिस आ सकती हैं। कई बार ऐसी स्थिति पैदा हा जाती है, जहां पर कुछ लोग लोन के चक्करों में फंस जाते हैं और ऐसे में नौकरी भी छूट जाती है। इसके अलावा कई बार मेडिकल दिक्कतों के चक्कर में फंस जाते हैं, जहां पर सबसे ज्यादा पैसों की जरूरत होती है ऐसी स्थिति में सारी बचत की खपत हो जाती है। ऐसी दिक्कतों का सामना करने के लिए हमेशा फाइनेंशियल तौर पर मजबूत रहना चाहिए। फाइनेंशियल तौर पर मजबूत रहने के लिए एक सही प्लानिंग की जरूरत होती है। इसमें सबसे पहले आपातकाल स्थिति के लिए एक फंड तैयार करना चाहिए और इसकी शुरुआत नौकरी लगने की शुरुआत से ही करनी चाहिए। इस फंड में नियमित रूप से सेविंग करनी चाहिए।

इन 3 जगह सेविंग है बहुत जरूरी:

लाइफ इंश्योरेंस स्कीम: लाइफ का कोई भरोसा नहीं है, जिसको देखते हुए लाइफ इंश्योरेंस खरीदना बहुत ज्यादा जरूरी है। लाइफ इंश्योरेंस के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने परिवार को खुद के न रहने की स्थिति में भी मजबूत कर जाता है। मार्केट में मौजूद कई लाइफ इंश्योरेंस स्कीम किसी व्यक्ति के निधन पर उसके परिवार को पहले से तय एक अमाउंट देती हैं। लाइफ इंश्योरेंस खरीदने से पहले यह तय करना चाहिए कि इंश्योरेंस अमाउंट सालाना खर्च का कम से कम 10 गुना होना चाहिए।

हेल्थ इंश्योरेंस: हेल्थ इंश्योरेंस काफी महत्वपूर्ण चीज है, क्योंकि इसके जरिए कोई व्यक्ति अपनी बचत को खत्म किए बिना इलाज करवा पाता है। इससे एक प्रकार से बीमारी में फाइनेंशियल तौर पर मदद मिलती है। बीमारी का इलाज हो जाता है और जेब पर असर भी नहीं होता है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते वक्त पॉलिसी के बेनिफिट्स, कवरेज और प्रीमियम की तुलना करनी चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि भविष्य में कितने कवरेज की जरूरत हो सकती है।

इमरजेंसी फंड: अगर आपने होम लोन या कार लोन लिया है या आपके क्रेडिट कार्ड के बिल बाकी हैं तो ऐसे स्थितियों में इमरजेंसी फंड बहुत काम आता है। फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान इस फंड का इस्तेमाल बिना अन्य निवेशों को छेड़े कर सकते हैं। इस फंड में 9 से 10 माह के घरेलू मासिक खर्च के बराबर पैसा होना चाहिए।