पूछताछ के दौरान महिला को बेल्ट से पीटने के मामले में दो हवलदार सहित पांच पुलिसकर्मी बर्खास्त

आदर्श नगर थाने में पूछताछ के दौरान महिला को बेल्ट से पीटने के मामले में दो हवलदार सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट और महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।

सरकार ने पिटाई के वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है। सोमवार को मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने डीजीपी मनोज यादव को तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि आदर्श नगर थाने के तत्कालीन मुंशी हवलदार रोहित और बलदेव के अलावा एसपीओ कृष्णपाल, दिनेश और हरपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने दोनों हवलदार को निलंबित कर दिया जबकि तीनों एसपीओ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

देर शाम एसपीओ हरपाल और दिनेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिसकर्मियों के मुताबिक यह घटना अक्तूबर 2018 की है। एक साल के अनुबंध पर तैनात तीन स्पेशल पुलिस कर्मियों (एसपीओ) को बर्खास्त कर दिया है। पुलिस अब पीड़ित महिला को तलाश कर रही है।

सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें वर्दी में एक पुलिसकर्मी किसी महिला से पूछताछ कर रहा है। इसी दौरान उसके साथ सादे कपड़ों में खड़े पुलिसकर्मी ने महिला को बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। वहां खड़े एसपीओ भी महिला के साथ अभद्रता से बात करते दिख रहे हैं।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस विभाग में हरकत में आ गई। जांच में पता चला कि वीडियो अक्तूबर 2018 का है। आदर्श नगर थाने में पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के नाम पर महिला की बेल्ट से पिटाई की थी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आदर्श नगर थाना पुलिस को शिकायत मिली थी कि पार्क में एक व्यक्ति और महिला गलत काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस को देखकर वहां मौजूद व्यक्ति तो भाग गया, जबकि महिला को पुलिसकर्मी थाने ले आए। पूछताछ के दौरान महिला अपना नाम, पता व उस व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं बता रही थी। इस पर हवलदार रोहित ने बेल्ट से उसकी पिटाई कर दी।

संजय कुमार, पुलिस आयुक्त ने बताया कि, पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ जो किया वह अशोभनीय है और नियमों के विरुद्ध है। इससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। यदि पुलिसकर्मियों को कोई शिकायत मिली थी तो महिला पुलिसकर्मियों के सहयोग से पूछताछ की जानी चाहिए थे। मारपीट करना गलत है। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विभागीय कार्रवाई भी की गई है।

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