बेसिक शिक्षा की तबादला नीति से 25 हजार से ज्यादा शिक्षक होंगे प्रभावित

बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापकों के अंतरजनपदीय तबादलों के लिए तबादला नीति 2019 लोकसभा चुनाव के बाद जारी होगी। तबादला नीति के तहत प्रदेश में इस वर्ष 25 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं के तबादले किए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की तबादला नीति जारी की है। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आचार संहिता खत्म होने के बाद ही तबादला नीति जारी करने की योजना बनाई है। तबादला नीति का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

विभागीय अधिकारी के मुताबिक तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन पत्रों की समीक्षा का काम भी ऑनलाइन ही होगा। तबादले में शिक्षिकाओं, विधवा एवं तलाकशुदा, दिव्यांगों, जिनके पति या पत्नी सेना और राजकीय सेवा में हैं, उन्हें बोनस अंक दिए जाएंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग ने गत महीने ही सभी बीएसए को निर्देश जारी कर तबादले और समायोजन के लिए स्कूलों में रिक्त पदों का ब्योरा मांगा था। तबादले रिक्त पदों पर ही करने की योजना है। जानकारी के मुताबिक 25 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी जिससे 1 जुलाई से स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू की जा सके।

हजारों अर्जियां लंबित

बेसिक शिक्षा विभाग में गत वर्ष हजारों पात्र शिक्षक तबादले से वंचित रह गए थे। विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने लगातार सरकार और संगठन पर तबादला कराने का दबाव बनाया। सरकार और संगठन के पास बीते वर्ष की हजारों डिजायर और अर्जियां विचाराधीन हैं।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद ही तबादला नीति जारी की जाएगी। तबादला नीति के अनुसार ही स्थानांतरण किए जाएंगे।

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