हिन्दू आतंकी वाले बयान पर कमल हासन पर फेंकी चप्पल

  • 12 मई को हासन ने कहा था- आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे था
  • सफाई में कहा- मैं कट्टरपंथी शब्द का मतलब समझता हूं, इसलिए इसका इस्तेमाल आतंकी या हत्यारे के लिए किया

चेन्नई. तमिलनाडु के मदुरै में बुधवार को एक चुनावी सभा के दौरान मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) पार्टी के संस्थापक और अभिनेता कमल हासन पर चप्पल फेंकी गई। हालांकि, चप्पल उन्हें नहीं लगी। मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

12 मई को हासन ने अरावकुरिचि में बयान दिया था, ‘‘आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। यहीं से आतंक की शुरुआत हुई थी।’’ इसके बाद से भाजपा, अन्नाद्रमुक, संघ और हिंदू महासभा हासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

सफाई में कहा- मैंने तो ऐतिहासिक सच बताया
हासन ने मदुरई के पास तिरुपुरनकुंद्रम में जनसभा में बताया, ‘‘मैंने अरावकुरिचि में जो कहा था, उससे वे (भाजपा समेत अन्य दल) नाराज हो गए, लेकिन मैंने वहां एक ऐतिहासिक सच का जिक्र किया था। मेरा मकसद विवाद खड़ा करना नहीं था। उस बयान का किसी जाति और धर्म से लेना-देना नहीं है।’’

हासन ने यह भी कहा, ‘‘मैं कट्टरपंथी शब्द का मतलब समझता हूं, इसलिए मैंने इसका इस्तेमाल आतंकी या हत्यारे (गोडसे के खिलाफ) के लिए किया। हम सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। हम हिंसा कभी नहीं करेंगे। वे कह रहे हैं कि मैंने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। मेरे परिवार में कई हिंदू हैं। मेरी बेटी की भी हिंदू धर्म में आस्था है। मेरी विचारधारा की रट मत लगाइए, आप हार जाएंगे। ईमानदारी मेरी विचारधारा पर खड़ी है, जो आपके पास नहीं है। आप दिल्ली या चेन्नई कहीं भी रहें, लंबे समय तक झूठ बोलकर लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।’’

अंतरिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे हासन
गोडसे पर दिए बयान के मामले में हासन के खिलाफ अरावकुरिचि में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वे अंतरिम जमानत के लिए बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे। इससे पहले हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसमें हासन पर दायर केस को खारिज करने की मांग की गई थी।

एमएनएम पर बैन लगाने की मांग
हासन के बयान को लेकर भाजपा और सहयोगी एआईएडीएमके ने चुनाव आयोग से एमएनएम पर बैन लगाने की मांग की। इससे पहले तमिलनाडु सरकार में मंत्री केटी राजेंद्र बालाजी ने सोमवार को कहा था कि कमल हासन की जीभ काट लेनी चाहिए, उन्होंने यह बयान अल्पसंख्यक वोट हासिल करने के लिए दिया है।