प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की हिंसा को लेकर कहा हम पंचधातु की नई मूर्ति स्थापित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तरप्रदेश के मऊ में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने बंगाल में हुई हिंसा पर कहा कि टीएमसी के गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी थी, हम वहां पंचधातु की मूर्ति स्थापित करेंगे। मोदी आज उत्तरप्रदेश के चंदौली, मिर्जापुर और पश्चिम बंगाल के मथुरापुर और दमदम में भी सभाएं करेंगे।

मोदी ने कहा, ‘‘वे महामिलावटी जो महीनेभर पहले तक मोदी हटाओ का राग अलाप रहे थे, वे आज बौखलाए हुए हैं। उनकी पराजय पर देश ने मुहर लगा दी है। उत्तरप्रदेश ने तो इनका सारा गुणा-गणित ही बिगाड़ दिया है। सपा-बसपा ने जातिवाद के आधार पर गठबंधन की कोशिश की। एसी रूम में बैठे नेता अपने कार्यकर्ता को भी भूल गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। इन्होंने (सपा-बसपा) कुछ जातियों को अपना गुलाम समझ लिया था। 2014 (लोकसभा चुनाव), 2017 (उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव) में दूसरी बार समझाने के बाद अब 2019 में उत्तरप्रदेश तीसरी बार इन दलों को जरा ठीक से समझाने जा रहा है कि जातियां आपकी गुलाम नहीं है। लोग यह समझते हैं कि वोट विकास के लिए। वोट देश के विकास के लिए दिया जाता है। इन लोगों जाति के नाम पर सिर्फ सत्ता हासिल की। फिर उसका उपयोग बंगले बनाने और रिश्तेदारों को करोड़पति-अरबपति बनाने में किया।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बुआ-बबुआ (मायावती-अखिलेश) ने गरीबों से खुद को दूर कर लिया है। उन्होंने अपने आसपास पैसे-वैभव और दरबारियों की इतनी ऊंची दीवार खड़ी कर ली है कि गरीबों का सुख-दुख नजर नहीं आता। इन महामिलावटी लोगों से अलग मैं ईमानदारी से प्रयास कर रहा हूं कि गरीब की जिंदगी आसान हो। उन्हें सुविधाएं मुहैया कराने में जुटा हूं। तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का बीड़ा भी हमारी सरकार ने उठाया। इन महामिलावटियों ने इंसाफ मिलने में रोड़े अटकाए। सरकार चाहती है कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने का हक मिले।’’

सपा-बसपा ने ऐसे प्रत्याशी उतारे हैं जिनपर दुष्कर्म का आरोप है। सपा का इतिहास तो उत्तरप्रदेश के लोग जानते हैं। महिला सुरक्षा को लेकर बहनजी का बर्ताव भी सवालों के घेरे में हैं। कुछ दिन पहले अलवर में दलित बेटी के साथ गैंगरेप हुआ। वहां बहनजी के समर्थन से कांग्रेस की सरकार चल रही है। चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले को छिपाने की कोशिश की। मायावती कांग्रेस से समर्थन लेने के बजाय मोदी को गाली देने में जुटी हैं। यह रवैया दिखाता है कि महामिलावटी किसी को भी धो

पीएम ने यह भी कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मिदनापुर में मेरी सभा थी, तो वहां टीएमसी के गुंडों ने अराजकता फैलाई थी। इसके बाद ठाकुरनगर में तो ये हालत कर दिए गए कि मुझे अपना संबोधन बीच में छोड़कर मंच से हटना पड़ा। टीएमसी के गुंडों की ये दादागीरी मंगलवार रात भी देखने को मिली। कोलकाता में अमित शाह के रोड शो के दौरान टीएमसी के गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ दिया। ऐसा करने वालों को कठोर सजा दी जानी चाहिए।