दिग्विजय को बताया ‘कालनेमि’

दिग्विजय को बताया ‘कालनेमि’

 

भोपाल। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हमलावर तेवर अपनाए हुए हैं। वो बार-बार दिग्विजय सिंह पर निशाना साध रही हैं। उन्हें हिंदूविरोधी करार देने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं। पहले दिग्विजय को महिषासुर बताने वाली साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें अब कालनेमि कहा है। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि, “दिग्विजय सिंह कालनेमि हैं, जो वक्त के हिसाब से अलग-अलग रुप धारण करते हैं, लेकिन उनका असली चेहरा और चरित्र सबके सामने है। वो यहीं नहीं रुकी उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी हमला बोला। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि जो लोग 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपी हैं वो मुख्यमंत्री बनकर बैठे हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि हो सकता है कि षड्यंत्र के तहत मुझे जेल भेज दिया जाए। जिस तरह से मेरे खिलाफ एनआईए कोर्ट में दोबारा याचिका लगाई गई। वो इसी तरफ इशारा कर रही है।”

मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने साफ कर दिया कि भोपाल का चुनाव हिंदूत्व और भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा। ये मुद्दा पूरे देश का है और इससे बढ़कर कुछ नहीं। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि लोग साध्वी के अंत की चिंता न करें, जो लोग देश विरोधी, धर्म विरोधी और आतंकवाद का साथ देते हैं। ऐसे लोग अपने अंजाम के बारे में सोचें।

एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान पर मचे बवाल पर माफी मांगने के बाद उन्होंने फिर से दोहराया कि मैं इस बयान को लेकर माफी मांग चुकी हूं। लेकिन क्या आप उन लोगो से माफी मंगवा सकते हैं जिन लोगों ने मुझे 9 साल प्रताड़ित किया। साध्वी प्रज्ञा से जब महिला पत्रकार ने इस बयान से जुड़ा सवाल पूछा तो एक बार फिर उनका दर्द फूट पड़ा। उन्होंने आपबीती सुनाते हुए कहा, ‘आप एक लड़की हैं? आप ये बताएं कि आपको 15-20 पुरूष एक साथ मिलकर बेल्ट से मारते हैं। क्या ये कानून के अंतर्गत आता है? ऐसी अनेक प्रताड़नाएं, दिन रात पीटना, कहां का नियम है? कौन से कानून के अंतर्गत आता है?

Source:Agency