यह परिवार पिछले 15 सालों से नर्मदा भक्तों की सेवा में जुटा है

 

 

सिवनी। जबलपुर-लखनादौन के बीच हाईवे पर स्थित धूमा कस्बे का ‘भक्ति पथ”नर्मदा परिक्रमा यात्रियों के लिए खास है। राय परिवार के इस भवन में पैदल नर्मदा यात्रा में निकलने वाला लगभग हर श्रुद्धालु आश्रय व प्रसाद लेकर परिक्रमा पूरी करने आगे बढ़ता है।

भक्तों में यह ‘नर्मदा अन्न् क्षेत्र” के नाम से प्रसिद्ध है। पिछले साल पुस्तैनी मकान का कायाकल्प कराकर इसे ‘भक्ति पथ” नाम दिया है। मां नर्मदा (रेवा) पर अट्टू श्रृद्धा रखने वाले धूमा के विजय राय (55) व उनकी पत्नी राजकुमारी (52) मानते हैं कि नर्मदा परिक्रमा पर निकले भक्तों की सेवा, प्रभु की सबसे बड़ी भक्ति है। बीते 15 सालों से यह सिलसिला चल रहा है।

परिक्रमा में मिले अनुभव के बाद लिया फैसला

डेढ़ दशक पहले मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा कर चुके विजय राय व उनकी पत्नी राजकुमारी बताते हैं कि यात्रा के दौरान मिले अनुभव के बाद उन्होंने घर में ही नर्मदा भक्तों के ठहरने व भोजन की व्यवस्था करने का फैसला लिया। रोज करीब 20-25 श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ‘भक्ति पथ” में करीब 5 हजार भक्त हर साल आते हैं। 15 सालों में 70 हजार से ज्यादा भक्त आ चुके हैं। साल के करीब 8 महीने प्रदेश के हर हिस्से से भक्तों का जत्था धूमा पहुंचता है। राय परिवार की किराना की दुकान के अलावा खेती भी है।

परिवार स्वयं तैयार करता है भक्तों का भोजन

भक्तों के समूह के लिए राजकुमारी व परिवार की अन्य महिलाएं भोजन तैयार करती हैं। कई बार ऐसा अवसर भी आया है जब बड़ी संख्या में (300 से 400) भक्त पहुंचे। संख्या बढ़ने पर सामने स्थित धूमावती मंदिर में भक्तों को स्र्कवाया जाता है। भक्तों के लिए भोजन तैयार करने में मोहल्लेवासी भी हाथ बंटाते हैं।

सम्मानपूर्वक बुलाकर लाते हैं भक्तों को

विजय कुमार राय रोज सुबह उठते ही धूमा बस स्टैंड पहुंच जाते हैं और परिक्रमा पर निकले भक्तों से वे स्वयं आग्रह कर उन्हें सम्मानपूर्वक घर चलकर विश्राम करने व भोजन ग्रहण करने का न्योता देते हैं। ऐसे ही होशंगाबाद से आए जत्थे में शामिल कुछ भक्तों ने बताया कि वे 12 दिसंबर से नर्मदा यात्रा में निकले हैं।

बुधवार को वे धूमा पहुंचे थे। यहां वे बस से गोटेगांव रवाना होने जा रहे थे, बस की टिकट भी ले ली थी, तभी विजय राय पहुंचे और भक्तों को घर ले आएं। बीमार भक्तों का इलाज करने डॉक्टर फोन लगाते ही पहुंच जाते हैं, इसके बदले वे कोई शुल्क भी नहीं लेते हैं।

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी पहुंचे थे सपत्नीक

पैदल नर्मदा यात्रा के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पत्नी अमृता के साथ ‘भक्ति पथ” पहुंचे थे। राय परिवार की निस्वार्थ भक्ति देख वह भी हैरान हो गए थे।

Source:Agency

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com