मध्‍य प्रदेश में फ्री होल्ड होगी विकास प्राधिकरणों की जमीन

मध्‍य प्रदेश में फ्री होल्ड होगी विकास प्राधिकरणों की जमीन

 

 

भोपाल। विकास प्राधिकरणों की जमीन को फ्री होल्ड करने के लिए सारी बाधाएं दूर हो गई हैं। राज्य सरकार ने आपत्तियों पर सुनवाई के बाद विकास प्राधिकरणों की संपत्ति प्रबंधन और व्ययन नियम लागू कर दिए हैं। पहले जिस काम के लिए जमीन लीज पर दी गई है, उससे इतर जमीन का उपयोग करने पर लीज निरस्त करने का प्रावधान था। नए नियमों के मुताबिक अब लीज निरस्त नहीं होगी।

जमीन के बाजार मूल्य का दो प्रतिशत प्रीमियम और लीज रेंट का दो प्रतिशत शुल्क लेकर लीज का नवीनीकरण कर दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। यदि विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देगा तो लीज निरस्त की जा सकती है।

विकास प्राधिकरणों की जमीन को फ्री होल्ड करने के लिए भू-राजस्व संहिता में निर्धारित प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी। हालांकि भू-राजस्व संहिता में अब यह प्रावधान खत्म कर दिए गए हैं, लेकिन विकास प्राधिकरण की जमीन को फ्री होल्ड करने के लिए उसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

75 प्रतिशत तक कम हो सकेगी कीमत

विकास प्राधिकरणों द्वारा बनाए गए घर या दुकान यदि तीन बार बोली लगने के बाद भी नहीं बिकते हैं तो प्राधिकरण इनकी कीमत 75 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इससे प्राधिकरण सस्ती दर पर मकान या दुकान बेच सकेंगे।

Source:Agency