दस दिन की छुट्टी पर देशभर के किसान, शहरों में दूध-सब्जी की सप्लाई नहीं

दस दिन की छुट्टी पर देशभर के किसान, शहरों में दूध-सब्जी की सप्लाई नहीं

 

नई दिल्ली/अहमदाबाद/चंडीगढ़। अपनी मांगों को लेकर मध्य प्रदेश समेत देश के 7 राज्यों के किसान आज से आंदोलन पर हैं। राष्ट्रीय किसान महासंघ ने 130 संगठनों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ 10 दिवसीय आंदोलन का आह्वान किया है। इस बीच आक्रोशित किसानों ने शहरी इलाकों में दूध की आपूर्ति बंद कर दिया है। इतना ही नहीं सड़कों पर फलों और सब्जियों को फेंक कर अपना विरोध जताया है।

 

 

उधर, किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने को कहा है कि सरकार इस खरीफ सत्र से ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करेगी। उन्‍होंने कहा कि किसानों को इसी सत्र में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा।

 

मध्यप्रदेश के झाबुआ में धारा 144 लगी –

मध्‍यप्रदेश के झाबुआ में धारा 144 लगा दी गई है। किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। मंदसौर में पूरे शहर में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। उत्‍तर प्रदेश के आगरा में अपने वाहनों की फ्री आवाजाही कराने के लिए किसानों ने टोल पर कब्जा कर लिया है। यहां किसानों ने जमकर की तोड़फोड़ की। किसान आंदोलन का असर सत्‍ता और सियासत दोनों में देखने का मिल रहा है। किसान संगठनों के ऐलान के बाद जहां राज्‍य सरकारें अलर्ट हो गई हैं, वहीं विपक्ष इसे सियासी रंग देने में जुटा है।

 

 

विदिशा में असर

वहीं विदिशा में किसानों के बंद आंदोलन का खासा असर दिखाई दे रहा है। विदिशा शहर के बाहरी इलाकों में बंद आंदोलन कर रहे किसान सुबह से ही जमा हो गए थे और शहर में आने वाले दूध बेचने वालों को वापस गांव लौटा रहे थे। इस दौरान किसानों और दूध बेचने वालों के बीच मामूली विवाद की स्थिति भी बनीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि इस दौरान पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बंद आंदोलन से विदिशा में दूध की सप्लाई प्रभावित हुई है और आज कई जगह दूध की सप्लाई नहीं हो पाई।

 

 

 

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