भारत की विरासत का घराना संगीत: ग्वालियर के पंडित’ का लोकार्पण… 

भारत की विरासत का घराना संगीत: ग्वालियर के पंडित’ का लोकार्पण…

शहज़ाद अहमद – नई दिल्ली 
भारत की विरासत संगीत ग्वालियर के पंडित’ पुस्तक ‘प्रमुख गायक डॉ. मीता पंडित द्वारा लिखित है, जिसका लोकार्पण प्रसिद्ध शख्सियतों के बीच नई दिल्ली के होटल ललित में हुआ।
 हमारी भारतीय सांस्कृति विरासत को कौन नहीं जानता, खासकर जब बात संगीत की हो तो। ऐसी ही एक प्रसिद्ध शख्सियत हैं, शास्त्रीय गायिका डाॅ. मीता पंडित, जिन्होंने हाल ही में ‘भारत की विरासत संगीत: ग्वालियर के पंडित’ नामक पुस्तक लिखी है, जिसका लोकार्पण जानी-मानी प्रसिद्ध हस्तियों के उपस्थिति में हुआ।
डाॅ. मीता पंडित शास्त्रीय गायन की प्रसिद्ध व्यक्तित्व की धनी हैं। उनके द्वारा लिखी पुस्तक की नींव ग्वालियर घर के इतिहास पर आधारित है, जहां से डॉ. मीता पंडित वास्तव में संबंधित हैं और लंबे समय से शास्त्रीय गायन का अभ्यास कर रही हैं।
पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर डॉ. करन सिंह, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा पुस्तक का लोकर्पण किया गया। आयोजन में कई और प्रमुख नाम जैसे-शोभना नारायण, अलका रघुवंशी, वासिफुद्दीन डागर, रीता गांगुली, शेरॉन लोयन, संगीता गुप्ता, छवि असरानी और कई अन्य विभूतियां शामिल थीं।
डाॅ. मीता पंडित द्वारा रचित पुस्तक ने भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में ग्वालियर की वृद्धि को उजागर किया है, जो आजादी के पूर्व भारत में आनंद लेते हुए संरक्षण के माध्यम से आता है। यही नहीं उत्तरी भारत के संगीत में दो महत्वपूर्ण शैलियों जैसे फूल, अर्थात् दू्रपद और ख्याल के अंदाज अग्रणी हैं।
इसके अलावा, यह द्रूपद से उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत और खानों से पंडितों तक ख्याल शैली को दर्शाता है। कई किंवदंतियों, दुर्लभ उपाख्यानों, लोककथाओं, कथाएं परिवार अभिलेखागार से दुर्लभ चित्रों के साथ इस पुस्तक की दिलचस्पी और बढ़ जाती है।