भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों को भी सरकारी आवास के लिए करना होगा आवेदन

भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों को भी सरकारी आवास के लिए करना होगा आवेदन

 

भोपाल। राज्य के भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों को अब राजधानी में सरकारी आवास के लिए बाकायदा अन्य अधिकारियों- कर्मचारियों की तरह आवेदन करना होगा। आवदेन पर सरकार निर्णय लेगी और उन्हें निर्धारित शुल्क पर आवास एक समय सीमा के लिए आवंटित किए जाएंगे।

इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) विधानसभा के बजट सत्र में मंत्री वेतन-भत्ता अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाएगा। सूत्रों के मुताबिक हाई कोर्ट में सरकारी आवासों में अपात्रों के निवासरत रहने को लेकर जनहित याचिका लगाई गई थी।

इस याचिका में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन नि:शुल्क आवास दिए जाने के प्रावधान पर भी सवाल उठाए गए। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर महाधिवक्ता की सलाह पर समान्य प्रशासन विभाग ने नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। वरिष्ठ सचिव समिति भी इसे सहमति दे चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास तो दिए जाएंगे पर इसके लिए उनसे आवेदन लिए जाएंगे। निर्धारित शुल्क भी लिया जाएगा। ज्ञात हो सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, दिग्विजय सिंह और बाबूलाल गौर को आजीवन नि:शुल्क शुल्क आवास देने के आदेश जारी किए हैं। इन्हें कैबिनेट मंत्रियों के समान वेतन-भत्ते व अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
Source:Agency

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