पी एम मोदी ने क्रिसमस एवं अटल जी के जन्म दिन पर चालक रहित मैट्रो का किया उद्घाटन

पी एम मोदी ने क्रिसमस एवं अटल जी के जन्म दिन पर चालक रहित मैट्रो का किया उद्घाटन

नीरज पाण्डेय नोएडा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के 93वें जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर बटन दबाकर पहले फेज के तहत कालकाजी मंदिर तक के लाइन का शुभारंभ किया। यह देश की पहली चालक रहित मेट्रो ट्रेन है। इस मौके पर उनके साथ राज्यपाल राम नाईक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय राज्‍य मंत्री डा. महेश शर्मा, यूपी भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय,  नोएडा विधायक पंकज सिंह समेत कई कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे।
पी एम ने इस मेट्रो में ओखला बर्ड सेंचुरी तक सफर भी किया। नोएडा और फरीदाबाद के बीच दूरी को कम करने वाले इस लाइन के शुरू होने से लाखों यात्रियों के समय और धन की बचत होगी।
चालक रहित मेट्रो ट्रेन एक एडवांस टेक्नोलाजी है और दुनियाभर में तेजी से इस्तेमाल की जा रही है। भारत अमेरिका के साथ अपने पड़ोसी देश चीन के बराबर खड़ा हो गया है,

एमिटी प्रांगण में भारी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व क्रिसमस मना रहा है। लेकिन आज देश में दो भारत रत्न का जन्मदिन है। एक भारत रत्न है, महामना मदन मोहन मालवीय और दूसरे हैं अटल बिहारी बाजपेयी। मुख्‍यमंत्री योगी की ओर इशारा करते हुए उन्‍होंने कहा कि ‘मैं किसी राज्य में नहीं गया हूं, बल्कि अपने राज्य में आया हूं। उत्तर प्रदेश ने मुझे गोद लेकर मेरा लालन पालन किया है। उत्तर प्रदेश ने मुझे नई जिम्मेदारियों के लिए डाला है। बनारस ने मुझे सांसद बनाया है। देश को स्थिर सरकार देने में उत्तर प्रदेश के 22 करोड़ लोगों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’

उन्‍होंने कहा कि मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्टेशन समय की मांग है। मेट्रो के साथ सोलर को जोड़ा गया है, जिससे बिजली बचेगी।  हमारे देश मे मेट्रो ट्रैवलिंग गर्व का विषय बनना चाहिए। हमारी मानसिकता में ऐसे बदलाव की जरूरत है, तभी देश को आगे बढ़ाएंगे। मैंने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद हर दिन एक कानून खत्म करूंगा, और वह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ उत्तम तरीके से प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके कपड़े देखकर भ्रम फैलाया जाता है कि आधुनिक सोच के हो ही नहीं सकते। छवि थी कि कोई मुख्यमंत्री नोएडा नहीं आता है। योगी जी ने सारे मिथक थोड़े। मान्यताओं में कैद कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता है। हम विज्ञान के युग मे जी रहे हैं। अंधविश्वास में जीने वाले लोग अहित करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री बना था तो मेरे संज्ञान में 7-8 जगह लाई गई जहां ऐसे मान्यताएं थीं। मैंने पहले साल ही सभी जगह का दौरा किया। उसी की बदौलत सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा। 20 लाख टन अतिरिक्त यूरिया का उत्पादन हुआ। हमारी सरकार बनने के बाद यह गुड गवर्नेंस से हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जितनी रेल की पटरी बिछाई जाती थी, वह आज दोगुना है। आज 11 फीसद ग्रोथ है। तमाम प्रोजेक्ट पर जैसे काम हो रहा है वहां क्षमता डबल हुई है। पहले एलईडी 400 का था। आज 50 रुपये का है। इससे बिजली की बचत हुई है। 24 दिसंबर 2002 को अटल बिहारी बाजपेयी देश के मेट्रो के पहले यात्री थे। आज उस घटना को 15 साल हुए हैं।

वह दिन दूर नहीं, जब दुनिया के पांच बड़े मेट्रो नेटवर्क में भारत का नाम होगा। अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन को हम गुड गवर्नेंस डे के रूप में मनाते हैं। बारीकियों से देखें तो समस्याओं की जड़ में गवर्नेंस का अभाव ही है, यह स्वभाव बन गया है। ऐसी स्थिति ने देश को तबाह किया है, मैंने इसे बदलने का बीड़ा उठाया है। हालांकि, यह मुश्किल है। हम साफ नियत से काम करना चाहते हैं, सारे निर्णय जीवन मे बदलाव के लिए हैं।

मेट्रो में आप लोग सफर करेंगे। मैं यहां आपके लिए आया हूं। गुड गवर्नेंस के उदाहरण वे राज्य हैं जहां प्रयास है। जहां पर शासन- प्रशासन जिम्मेदार होता है, वहां समस्याएं कम होती हैं।  हमने गुड गवर्नेंस पर जोर दिया और कनेक्टिविटी पर बल दिया। अटल जी ने गांव गांव तक सड़क पहुंचने का सपना देखा था, आज हिंदुस्तान का हर गांव पक्की सड़क से जुड़ रहा है। हमने बीड़ा उठाया है कि 2019 तक हर गांव को पक्की सड़क से जोड़कर बाजपेयी जी के सपनों को पूर्णता की तरफ ले जाएंगे।

जिस मेट्रो के पहले पैसेंजर अटल बिहारी बाजपेयी थे उसे देख कर लगता है कि हम दुनिया के साथ कदमताल कर रहे हैं। हमने 1200 कानून खत्म किए। ये गुड गवर्नेंस में रुकावट थे। सामान्य व्यक्ति इससे परेशान था।  हमारा देश संपन्न धन और समृद्ध है, लेकिन देश की जनता को संपन्नता और समृद्धि से अलग रखा गया।  बिना कनेक्टिवीटी जिंदगी ठहर जाती है।

आने वाली पीढ़ी दर पीढ़ी तक मेट्रो का लाभ मिलने वाला है। हमारे देश में कोई भी विषय ऐसा नहीं होता है, जिस पर राजनीति का रंग नहीं लगाया जाए। इसलिए कई बार विकास के कार्य भी जनहित के तराजू से तौलने की बजाए, राजनीति के तराजू से तौले जाते हैं। हम पेट्रोलियम पदार्थों को इंपोर्ट करते हैं,  इस पर देश का ढेर सारा धन खर्चा होता है। वर्ष 2022 में जरूरतें और बढ़ने वाली हैं। हम कुछ ऐसे कदम उठाना चाहते हैं, जिससे देश का धन बचे।

जनसभा को संबोधित करते हुए  मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि मेट्रो के आगमन के साथ ही क्षेत्र में विकास को पंख लगेंगे। आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्मदिन है। इस अवसर पर प्रदेश की जनता को प्रधानमंत्री ने मेट्रो का तोहफा दिया है।

उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता की तरफ से उनका धन्यवाद करना चाहता हूं। कानपुर और आगरा में इसी वित्तीय वर्ष में मेट्रो लाएंगे। विकास के लिए पूर्वांचल और बुंदेलखंड में एक्सप्रेस वे का भी निर्माण होगा। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

पिछले 9 महीनों में उत्तर प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। हम कह सकते हैं कि आप परिवारवाद वंशवाद और जातिवाद की राजनीति उत्तर प्रदेश में नहीं चलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी भेदभाव के पूरे भारत के विकास के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के किसी भी राज्य में आना खुश किस्मत है।

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद प्रधानमंत्री का पहली बार किसी प्रदेश में आगमन हुआ है। सीएम योगी ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। जिन लोगों ने अपराध को आजीविका के साथ जोड़ा था उनकी कमर टूट गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले की सरकारों के लिए चारागाह बन गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार 80 हज़ार फ्लैट खरीदारों को उनका हक दिलाने जा रही है। प्रदेश के सशक्तीकरण के लिए निरंतर अभियान चलेगा।

नोएडा से  सांसद व केंद्रीय राज्‍य मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में यशस्वी मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने कुशल प्रशासन का उदाहरण पेश किया है। गुंडे बदमाशों पर चाबुक चलाया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा ग्रेटर नोएडा व उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट के रूप में गौतम बुद्ध नगर को तोहफा मिला है। प्रधानमंत्री का सपना वर्ष 2022 में नए भारत के निर्माण का है। सपने को साकार करने के लिए देशवासी आपके साथ खड़े हैं। आपके नेतृत्व में प्रदेशों की सरकारें नई गाथाएं लिख रही है। आज देश की आम जनता के जीवन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।  नोटबंदी और जीएसटी अभूतपूर्व फैसले है ।

इसी के साथ भारत दुनिया का ऐसा सातवां देश हो गया है, जहां इस चालक रहित ट्रेन की शुरुआत हुई है। चालक रहित ट्रेन एक तरह से कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम होता है। यह इत्तेफाक ही है कि इससे पहले 25 दिसंबर, 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने 7.45 किलोमीटर की पहली मेट्रो लाइन शाहदरा से तीस हजारी के परिचालन को हरी झंडी दिखाई थी।