श्री हित वृंदावन महोत्सव के 510 वाँ प्राकट्य महोत्सव में कथक नृत्यांगना रागिनी मिश्रा जी के कथक नृत्य भाव में डूबे सभी वृंदावन के भक्तजन!

श्री हित वृंदावन महोत्सव के 510 वाँ प्राकट्य महोत्सव में कथक नृत्यांगना रागिनी मिश्रा जी के कथक नृत्य भाव में डूबे सभी वृंदावन के भक्तजन!

कार्तिक मास तेरस को श्री हित हरिवंश महाप्रभु जी प्रथम बार श्री राधावल्लभ लाल जी को लेकर वृंदावन आये थे! इसी उपलक्ष्य में इस दिन राधावल्लभ संप्रदाय द्वारा वृंदावन में प्राकट्य महोत्सव अर्थात् श्री हित महोत्सव मनाया जाता है!
विगत 1 नवम्बर से 3 नवम्बर तक तीन दिवसीय 510 वाँ प्राकट्य महोत्सव आयोजित हुआ जिसमें कि कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए!इसी कार्यक्रम के दौरान मुंबई से रागिनी मिश्रा जी जो कि एक कथक नृत्यांगना है इनकी लगातार तीनों दिन की प्रस्तुति हुई!ऐसा पहली बार राधावल्लभ मंदिर के प्रांगण में कथक नृत्य की प्रस्तुति रागिनी मिश्रा जी और उनकी छात्राओं द्वारा किया गया जो कि अपने आप में एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक रहा क्योंकि लगातार वार्षिक प्राकट्य महोत्सव में कथक नृत्य की प्रस्तुति अभी तक नहीं अयोजित की गई थी!यह पहल और सौभाग्य क रागिनी मिश्रा जी को प्राप्त हुआ इनका भावपूर्ण नृत्य देख सभी मंत्रमुग्ध हुए!रागिनी जी का कहना है कि वो बहोत सौभाग्यशाली हैं जो श्रीजी के सामने वृंदावन धाम में उन्हें उनकी कला को प्रस्तुत करने का मौका मिला!
राधावल्लभ मंदिर के समीप स्थित रास मंडल पर शुरू हुए महोत्सव में मंदिर के सभी आचार्य तथा भक्त सदस्य और कई देश विदेश से आए अतिथिगण मौज़ूद रहे जिनके समक्ष इनकी नृत्य की प्रशंसा की गई तथा अब से लगातार आगे होने वाले वार्षिक प्राकट्य महोत्सव में रागिनी जी की प्रस्तुति होना तय माना जा रहा है!

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