निलंबित एडीजे श्रीवास ने एडीजे नियुक्तियों में अनियमितता के आरोप लगाए, राष्ट्रपति से जांच की मांग की

निलंबित एडीजे श्रीवास ने एडीजे नियुक्तियों में अनियमितता के आरोप लगाए, राष्ट्रपति से जांच की मांग की

 

 

भोपाल। निलंबित एडीजे आरके श्रीवास ने एडिशनल जिला जज की नियुक्ति में अनियमितता के आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को एक लेटर लिखकर जांच की मांग की है।

अपने लेटर में श्रीवास ने राष्ट्रपति से मांग की है कि एक हाई लेवल जांच कमेटी का गठन करें या सीबीआई को निर्देश दें कि मध्यप्रदेश में एडिशनल जिला जज की नियुक्ति में हुई अनियमितताओं की जांच करे। अपने पत्र में 12 बिंदुओं की शिकायत पर श्रीवास ने आरोप लगाया है कि दो बच्चों से ज्यादा होने के बावजूद भी एडिशनल जिला जज के पद पर कई लोगों की नियुक्तियां की गई हैं।

श्रीवास ने अपने लेटर में आगे कहा है कि उन लोगों को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती है जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं। 26 जनवरी 2001 के बाद से केन्द्र और राज्य सरकार की जनसंख्या नीति में यह प्रावधान किया गया है।

श्रीवास ने आगे कहा कि सरकारी नीति साफ कहती है कि अगर एक शख्स जिसका तीसरा बच्चा है वह ऐसे पद के लिए योग्य नहीं है। इसी तरह अगर कोई नौकरी में है और उसका तीसरा बच्चा हो जाता है, तो उसे नौकरी गवानी पड़ेगी।

श्रीवास ने अपने लेटर में आरोप लगाया है कि दो साल पहले दमोह जिला कोर्ट में कुछ चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को नौकरी से इसलिए निकाल दिया गया था कि उनके दो से ज्यादा बच्चे थे। यही नियम एडिशनल जज की नियुक्ति में भी लागू होता है। बावजूद इसके कई व्यक्तियों को दो से अधिक बच्चे होने के बावजूद भी एडीजे पद पर नियुक्तियां दी गई हैं।

15 महीनों में श्रीवास का चार बार तबादला हुआ था और इसके खिलाफ उन्होंने पिछले महीने हाईकोर्ट जबलपुर के बाहर धरना दिया था। बाद में जब श्रीवास ने नीमच जिला कोर्ट में ज्वाइन किया तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। हाल ही में श्रीवास ने नीमच से जबलपुर तक की साइकिल यात्रा उनके साथ हो रहे कथित अन्याय के विरोध में की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com