उमस व गर्मी से राहत का इंतजार है

 मानसून की 34 फीसद कम बारिश दिल्ली वासियों के लिए दुखदायी साबित हो लगी है। सितंबर का भी आधा माह बीतने को है, लेकिन गर्मी कम होने के बजाए बढ़ ही रही है। आलम यह है कि उमस भरी गर्मी में लोग पसीने की समस्या से बेहाल हैं। कूलर और पंखे से काम ही नहीं चल रहा है और एसी से कम राहत नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। हालांकि बादल छाने और हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

बुधवार को भी सुबह सवेरे ही तेज धूप निकल आई जो दिन चढ़ने के साथ-साथ और चढ़ती गई। शायद यही वजह रही कि दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है। पालम क्षेत्र में सर्वाधिक गर्मी रही जहां का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 15 सितंबर को बारिश की पूर्वानुमान जताया गया है। यह बारिश दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत ला सकती है, क्योंकि इससे उमस और गर्मी कम होने की उम्मीद है।

बिगड़ने लगी दिल्ली की हवा

दूसरी तरफ बारिश थमने के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी बिगड़ने लगी है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी एयर बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 168 के अंक पर रहा। इस स्तर की वायु गुणवत्ता को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है।

वहीं, स्काईमेट वेदर (Skymet weather) के मुताबिक, उत्तर भारत में मौसम अब भी बदलने को तैयार नहीं है। समूचे उत्तर भारत में मुख्यतः शुष्क मौसम रहेगा। खासकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में। पहाड़ों पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं, लेकिन कश्मीर और लद्दाख में सूखा मौसम जारी रहेगा।

स्काईमेट वेदर के मुताबिक, लो प्रेशर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश पर आ गया है। बड़ी बात है मॉनसून ट्रफ का भी उत्तर-वर्ती होना। कुलमिलाकर लंबे समय बाद गंगा के मैदानी इलाकों पर मौसम बदल रहा है। अब उम्मीद है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। गोरखुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, भागलपुर, पुर्णिया, जलपाईगुड़ी, मालदा, कोलकाता, गुवाहाटी और उत्तरी लखीमपुर सहित आसपास के शहरों में अच्छी बारिश होगी। वहीं, झारखंड और ओड़ीशा में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

देश के मध्य भागों में मानसून की हलचल अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विशेष मेहरबानी मध्य प्रदेश पर है। सीधी, सतना, जबलपुर, दमोह सहित मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भागों में मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, गुजरात के कुछ भागों, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

दूसरी ओर मुंबई सहित कोंकण गोवा में बारिश और कम हो जाएगी। साथ ही राजकोट, अमरेली, द्वारका, जामनगर सहित गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी बारिश में कमी आएगी। मराठवाड़ा के लिए शुष्क मौसम का संकट बरकरार रहेगा। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और इससे सटे भीतरी तमिलनाडु के भागों में एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मौसम शुष्क रहेगा।