विश्व में सबसे बड़ा विदेशी निवेश करेगी अम्बानी Saudi Aramco ,20 % की हिस्सेदारी के साथ

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की 42 वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अपने निवेशकों को संबोधित करते हुए आज मुकेश अंबानी ने कई बड़ी घोषणाएं की है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में RIL सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही है। मुकेश अंबानी ने एजीएम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सउदी अरामको (Saudi Aramco) रिलायंस में 20 फीसद हिस्सेदारी खरीदेगी। अंबानी ने इसे रिलायंस के इतिहास में सबसे बड़ा विदेशी निवेश बताया है। सउदी अरामको रिलायंस के ऑयल और केमिकल (O to C) कारोबार में निवेश करेगी। इस एजीएम में रिलायंस इंड्स्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के साथ उनकी पत्नी नीता अंबानी, माता कोकिलाबेन अंबानी, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और आकाश की पत्नी श्लोका भी उपस्थित हैं।
सउदी अरामको RIL के ऑयल टु केमिकल कारोबार में 20 फीसद हिस्‍सेदारी 75 अरब डॉलर के एंटरप्राइज वैल्‍यू पर खरीदेगी। मुकेश अंबानी ने इस बात की घोषणा की। यह सौदा नियामकीय अनुमतियों के अधीन होगा। मुकेश अंबानी ने कहा, ‘हमें यह बताते हुए अत्‍यंत खुशी हो रही है कि रिलायंस के इतिहास में यह सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। सउदी अरामको और रिलायंस के बीच लंबी अवधि की साझेदारी का समझौता हुआ है।’

RIL के ऑयल टु केमिकल कारोबार का राजस्‍व 5 लाख करोड़ रुपये का है। विश्‍व की सबसे बड़ी तेल उत्‍पादक कंपनी सउदी अरामको रिलायंस में हिस्‍सेदारी लेने के बाद प्रतिदिन 5 ला बैरल तेल की आपूर्ति करेगी। जामनगर में रिलायंस इंडस्‍ट्रीज का विश्‍व का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स है। इसकी क्षमता 14 लाख बैरल प्रतिदिन की है।

अपने टेलीकॉम बिजनेस के बारे में RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो में निवेश का चक्र पूरा हो चुका है। हाई-स्‍पीड नेटवर्क में लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। उन्‍होंने कहा कि कंपनी के कंज्‍यूमर बिजनेस – रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल को अलग-अलग सूचीबद्ध किया जाए तो यह देश के टॉप 10 कंपनियों में शुमार होगी।

मुकेश अंबानी ने एजीएम में कहा कि JIO सब्सक्राइबर, रेवेन्यू और प्रोफिट के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। उन्होंने बताया कि जियो के 34 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जियो में निवेश का दौर पूरा हो चुका है और अब वे इसे नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगे।

अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्री सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी बनी है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 67,320 करोड़ रुपये का GST भरा है और आयकर के रूप में 12,191 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 26,379 करोड़ रुपये कस्टम ड्यूटी के रूप में चुकाए हैं।

रिलायंस की 42 वीं एजीएम में मुकेश अंबानी ने मोदी सरकार के भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के बारे में कहा कि भारत इसे आसानी से प्राप्त कर लेगा। उन्होंने कहा कि कुछ सेक्टर्स में मंदी दिख रही है, लेकिन यह कुछ समय के लिए ही है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का फंडामेंटल पहलू बहुत मजबूत है।