इमरान ने आरएसएस को लेकर दिया बड़ा बयान ,भाजपा ने किया पलटवार

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ है। अब इमरान खान ने ट्वीट करके राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर अपनी बौखलाहट निकाली है। उनका कहना है कि आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा के चलते कश्मीर में कर्फ्यू की स्थिति है। बता दें कि इससे पहले इमरान कश्मीर मुद्दे पर दुनिया भर के देशों से दखल देने की मांग कर चुके हैं। हालांकि उन्हें रूस, अमेरिका और चीन जैसे देशों की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला है।
इमरान खान ने संघ को लेकर ट्वीट करते हुए कहा, ‘आरएसएस की नाजी विचारधारा के प्रभाव में आकर कश्मीर में कर्फ्यू की स्थिति है। नैतिक सफाई के माध्यम से कश्मीर की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या दुनिया यह देखकर शांत रहेगा जैसे हिटलर के नरसंहार को लेकर चुप्पी थी?

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मुझे डर है कि नाजी आर्यन वर्चस्व की तरह आरएसएस की हिंदुत्व नाजी विचारधारा IOK में नहीं रुकेगी। इसके बजाय भारत में मुसलमानों का दमन होगा और अंततः पाकिस्तान को निशाना बनाया जाएगा।
इमरान खान की इस टिप्पणी का भारतीय जनता पार्टी के नेता राम माधव करारा जवाब दिया है। उन्होंने इमरान पर पलटवार करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि दुनिया भर में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान कितना बौखला गया है। दुनिया को पाकिस्तान पोषित आतंकवाद से चुनौती है, भारत से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने जिन्ना के दो राष्ट्र और शेख अब्दुल्ला के तीन राष्ट्र के सिद्धांत को खत्म किया है।
बता दें कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के भारत के फैसले के खिलाफ दुनियाभर के नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। यहां तक कि पाकिस्‍तान के शीर्ष राजनयिक ने भी वाशिंगटन और न्‍यूयॉर्क में अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की। पाकिस्‍तानी राजनयिक की ओर से कहा गया कि यदि अमेरिकी नेताओं की ओर से मध्‍यस्‍थता नहीं की गई तो भारत-पाक के बीच युद्ध की स्थिति पैदा होगी।
सूत्र ने बताया कि अनुच्‍छेद-370 खत्‍म किए जाने के बाद विश्‍व समुदाय के सामने पाकिस्‍तान के चिल्‍लाने का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। विश्‍व समुदाय की ओर से पाकिस्‍तान को साफ शब्‍दों में कह दिया गया है कि क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने के लिए उसे सीमा पार करने से बचना होगा। पाकिस्‍तान को समझाने में अमेरिका समेत कई विश्‍व शक्तियां शामिल हैं। यही नहीं पाकिस्‍तान को साफ साफ शब्‍दों में यह भी समझा दिया गया है कि वह सीमा पार आतंकवाद का भी इस्‍तेमाल न करे। पाकिस्‍तान पहले ही एफएटीएफ (Financial Action Task Force) की मॉनिटरिंग की जद में है। यही नहीं आतंकवाद के मसले पर पाकिस्‍तान पर पूरी दुनिया की नजरे हैं।