आठ वर्ष तक नहीं हुई संतान तो गांव से छह वर्षीय बच्चे को उठा ले गए थे।

जौनपुर के रहने वाले एक दंपती ने शादी के बाद आठ वर्ष तक संतान नहीं होने पर गिझौड़ गांव से छह वर्षीय बच्चे को उठा ले गए थे। नौ जुलाई की शाम करीब सात बजे बच्चे को लेकर भागने के बाद वह दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड पहुंचे थे। यहां से बस पकड़ लखनऊ पहुंचे व भाई के किराए के कमरे में रुके थे। फुटेज व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस रविवार तड़के लखनऊ पहुंची व बच्चे को सकुशल बरामद किया। मौके से दंपती सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रदीप दुबे, पिकी दुबे व संदीप दुबे निवासी गोपालपुर जौनपुर के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में पता लगा कि प्रदीप व पिकी की आठ वर्ष पहले शादी हुई थी। अभी इनकी कोई संतान नहीं थी। गांव के लोग दोनों पर तरह-तरह की टिप्पणियां करते थे। इससे तंग आकर दोनों ने करीब दो वर्ष पहले गांव पर यह बता दिया था कि पिकी को बच्चा होने वाला है। योजना के तहत ही आरोपितों ने छह माह पहले गिझौड़ गांव में किराए पर फर्जी नाम बताकर कमरा लिया था। साजिश के तहत प्रदीप व पिकी ने नौ जुलाई शाम गिझौड़ गांव स्थित शिव शक्ति दुर्गा मंदिर के पास से छह वर्षीय बच्चे उत्कर्ष को लेकर भाग गए थे। इसके बाद से उन्होंने कमरा भी छोड़ दिया था। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि यहां से भागने के बाद प्रदीप लखनऊ में अपने भाई के संदीप दुबे के कमरे पर रुका था। संदीप को पूरी प्लानिग की जानकारी थी। इनकी प्लानिग थी कि जौनपुर स्थित गांव जाकर इस बच्चे को अपना बताकर रखते। बच्चे के कमरे से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर रहते थे : छह वर्षीय उत्कर्ष के पिता नरेन्द्र ने बताया कि आरोपित ने गिझौड़ा में जहां किराए पर कमरा ले रखा था, वह उनके कमरे से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर है। हालांकि वह उन लोगों को नहीं जानते हैं। तीन माह पहले ही उन्होंने बच्चे का दाखिला नर्सरी में कराया है। उनके कमरे के पास से ही वह रोज स्कूल जाता है। एसएसपी का कहना है कि बच्चे को कब से टॉरगेट किया गया था यह अभी पूछताछ में पता नहीं लग सका है। इससे पहले किसी बच्चे को उठाने की कोशिश की है या नहीं अभी पता नहीं लग सका है। सीसीटीवी फुटेज से मिली कामयाबी : बच्चे को उठा कर ले जाने की घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो फुटेज से दंपती की पहचान गांव के ही एक व्यक्ति ने की। इसके बाद जब पुलिस संदिग्धों के कमरे पर पहुंची तो कमरा बंद मिला। जिसके बाद पुलिस ने छानबीन की तो रिचार्ज की एक दुकान से इनका मोबाइल नंबर मिल गया। इसके बाद मोबाइल सर्विलांस के जरिये पुलिस लखनऊ पहुंची व बच्चे की बरामदगी हो सकी। गिरफ्तार एक आरोपित है मंदिर में पुजारी : कोतवाली सेक्टर 24 प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित प्रदीप दुबे व संदीप दुबे दोनों भाई हैं। संदीप सेक्टर 19 स्थित सनातन धर्म मंदिर में पुजारी है। उसने ही लखनऊ में काफी पहले से एक किराए पर कमरा ले रखा था। गिझौड़ से बच्चे को उठाकर भागने के बाद लखनऊ स्थित उसके कमरे पर ही आरोपित रुके थे। गिझौड़ में आरोपित 26 सौ रुपये महीने किराए पर कमरा लिये था। आरोपित महिला निजी अस्पताल में काम करती है। पुलिस टीम को 25 हजार इनाम –

कोतवाली सेक्टर 24 प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार त्रिपाठी व स्टार वन टीम प्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा की टीम के प्रयास से बच्चे की सकुशल बरामदगी हुई है। एसएसपी ने बरामद करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। नौ जुलाई की शाम से लापता था उत्कर्ष : मूलरूप से उन्नाव निवासी नरेन्द्र का परिवार गिझौड़ गांव में रहता है। नौ जुलाई की शाम के समय उनका छह वर्षीय बेटा उत्कर्ष गांव में स्थित शिव दुर्गा मंदिर गया था। वहां से प्रसाद लेकर घर लौटा। उसके बाद फिर वह बाहर निकल कर मंदिर में मौजूद बहन के पास जा रहा था कि रास्ते से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद परिजन ने गुमशुदगी व फिर अपहरण की रिपोर्ट कोतवाली सेक्टर 24 में दर्ज कराई थी। छानबीन के दौरान घर के पास एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक व्यक्ति बच्चे को उठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। उसके पीछे एक युवती भी दिख रही है।