5 दिन बाद दिल्‍लीवालों को मिलेगा तोहफा

दो साल की देरी से ही सही दक्षिणी दिल्ली में बाहरी रिंग रोड पर बहुप्रतीक्षित राव तुलाराम (आरटीआर) फ्लाईओवर परियोजना पूरी हो गई है। आरटीआर फ्लाईओवर के समानांतर बने पौने तीन किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का उद्घाटन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 जुलाई को करेंगे। इसके चालू होने पर बाहरी रिंग रोड से आइजीआइ एयरपोर्ट जाना बहुत आसान हो जाएगा। इसके निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है। 185 करोड़ फ्लाईओवर के निर्माण में और करीब 15 करोड़ सर्विसेज हटाने पर खर्च हुए हैं।

मंदिर के कारण हो रहा था विरोध
आरटीआर फ्लाईओवर की लालबत्ती पर 2009-10 में डबल फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना था, लेकिन लालबत्ती से कुछ दूर पहाड़ी पर स्थित एक मंदिर के कारण योजना में बदलाव किया गया। मंदिर के संचालक इस लालबत्ती पर डबल फ्लाईओवर बनाने का विरोध कर रहे थे। इससे उस समय सिंगल फ्लाईओवर ही बनाया गया।

छूटने लगी थी लोगों की फ्लाइट 
इससे लालबत्ती पर जाम की समस्या और बढ़ गई, क्योंकि बाहरी रिंग रोड पर मुनीरिका की ओर से सिग्नल फ्री आने वाला यातायात यहां रुक रहा था। सिंगल फ्लाईओवर को एयरपोर्ट की ओर से मुनिरका की ओर जाने वाले यातायात के लिए निर्धारित किया गया था। यहां पर लगने वाले जाम से जब एयरपोर्ट जाने वालों की फ्लाइट छूटने लगीं तो इसे मुनिरका की ओर से एयरपोर्ट जाने के लिए निर्धारित किया गया।

2013 में मिली मंजूरी 
इससे एयरपोर्ट जाने वालों को तो राहत मिली, लेकिन एयरपोर्ट मुनीरिका की ओर जाने वाले लोग भयंकर जाम में फंसने लगे। इसके बाद सिंगल फ्लाईओवर पर बीच में बैरीकेड लगाकर दोनों ओर के यातायात खोला गया। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने एयरपोर्ट जाने वालों के लिए साढ़े सात सौ मीटर की जगह 2.85 किलोमीटर लंबाई वाले सिंगल लेन फ्लाईओवर को बनाने की योजना बनाई। इस योजना को दिल्ली कैबिनेट से वर्ष 2013 में मंजूरी मिली और 2014 में काम शुरू हुआ। निर्माण कार्य दो साल में पूरा किया जाना था, लेकिन योजना के बीच में आ रहे हरे पेड़ों को काटने में देर से अनुमित मिली। जब काम शुरू हुआ तो कंपनी ने भी लेटलतीफी की। उसने काम बहुत धीमी गति से किया। बार-बार चेतावनी के बाद भी कंपनी ने अपना रवैया नहीं बदला तो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कंपनी पर 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।

यह होगा लाभ
फ्लाईओवर के पूरा होने से लोगों बाहरी रिंग रोड से आइजीआइ एयरपोर्ट तक आसानी से जा सकेंगे। प्रतिदिन लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। यह फ्लाईओवर 2.85 किलोमीटर लंबा है, जिसे मुनिरका फ्लाईओवर से जोड़ दिया गया है और यह एयरपोर्ट फ्लाईओवर के पास नीचे उतरेगा। इस फ्लाईओवर को हिंदुस्‍तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तैयार किया है।

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