भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल – पुलिस ने प्रदर्शकारियों को हथकड़ी में बाहर किया

इस साल इंग्लैंड में हो रहा वर्ल्ड कप लगातार विवादों में घिरता रहा है। मंगलवार को भारत-न्यूजीलैंड के बीच पहले सेमीफाइनल के दौरान एक बार फिर स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कुछ सिख खालिस्तान समर्थक स्टेडियम में ‘रेफ्रेंडम 2020’ लिखी टीशर्ट पहनकर पहुंच गए। इन प्रदर्शनकारियों ने स्टैंड्स से भारत विरोधी नारे भी लगाए। इसके बाद पुलिस उन्हें हथकड़ी लगाकर स्टेडियम से बाहर ले गई।

चार सिखों का समूह लगा रहा था नारे

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, दर्शकों के बीच नारेबाजी देखकर ग्राउंड सिक्योरिटी स्टैंड्स में पहुंची और चार सिखों को बाहर निकाला। एक पुलिसकर्मी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ कोई बद्तमीजी नहीं की और शांति से स्टेडियम से बाहर निकले। एजेंसी का कहना है कि सभी सिख अलगाववादी संगठन से जुड़े थे और वे भारत से अलग खालिस्तान की मांग के बैनर लिए थे।

विमान से लहराए जा चुके हैं भारत विरोधी बैनर

इंग्लैंड में वर्ल्ड कप को अब तक कई बार विरोध प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जा चुका है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मैच के दौरान एक विमान ‘जस्टिस फॉर बलूचिस्तान’ का मैसेज लेकर उड़ा था। इसके बाद भारत-श्रीलंका के मैच में भी वही विमान भारत विरोधी बैनर लेकर उड़ा था। इसके बाद भारत के विरोध पर इंग्लैंड सरकार ने दोनों सेमीफाइनल में स्टेडियम के ऊपर के हिस्से को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया।

विरोध प्रदर्शन के लिए वर्ल्ड कप का इस्तेमाल गलत: आईसीसी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पहले ही कह चुका है कि वर्ल्ड कप का इस्तेमाल किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं किया जा सकता। क्योंकि परिषद राजनीतिक और नस्लभेदी टिप्पणियों के प्रति बिल्कुल टॉलरेंस नहीं रखता। आईसीसी का एक पैनल और पुलिस पहले ही विमान से बैनर लहराए जाने की घटना की जांच में जुटे हैं। हालांकि, अब तक इस घटना में शामिल लोगों का पता नहीं लग पाया है।