भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को रोकने पर उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ अभद्रता की

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भीम आर्मी (Bhim Army) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर (Chandrashekhar) को पुलिस ने रोका तो बवाल मच गया और कुछ देर तक जबरदस्त हंगामा चलता रहा।

दरअसल, इंदिरापुरम के ज्ञान खंड-3 में धार्मिक स्थल से अतिक्रमण हटाने के बाद हुए विवाद के मामले में शुक्रवार दोपहर लोगों से मिलने जा रहे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को गाजियाबाद पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। इसके बाद मोदीनगर के पास चंद्रशेखर को मेरठ पुलिस के हवाले कर सहारनपुर रवाना कर दिया गया।

चंद्रशेखर को रोकने पर उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ अभद्रता की। पुलिस ने इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वीडियो से आरोपितों की पहचान की जा रही है। वहीं, काफिले में लाइसेंसी राइफल का प्रारूप बदलकर चल रहे युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

इंदिरापुरम के ज्ञान खंड- तीन में जीडीए द्वारा धार्मिक स्थल से अवैध कब्जा हटाया गया था। इस पर स्थानीय पार्षद के पति से हाथापाई की गई थी। पिछले तीन दिन से सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की जा रही थी कि शुक्रवार दोपहर धार्मिक स्थल पर लोगों से मिलने आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर समर्थकों के साथ पहुंच रहे हैं। इसे लेकर पुलिस और खुफिया विभाग सतर्क था। शुक्रवार सुबह से ही धार्मिक स्थल के बाहर भारी पुलिसबल तैनात था।

दोपहर डेढ़ बजे धार्मिक स्थल पर जा रहे चंद्रशेखर के काफिले को पुलिस ने कनावनी पुलिया के पास रोक लिया। इसके बाद कई समर्थक फेसबुक लाइव करते हुए वीडियो भी बनाने लगे। इस दौरान समर्थकों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस चंद्रशेखर को हिरासत में लेकर मोदी नगर पहुंची और मेरठ पुलिस को सुपुर्द कर सहारनपुर रवाना कर दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक, इंदिरापुरम ज्ञान खंड 3 स्थित मस्जिद पर जुमे की नमाज के दौरान  भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर के आने की सूचना थी। इस बाबत सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

बता दें कि हाल ही में जीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की थी, इसके विरोध में चंद्रशेखर के आने की बात कही जा रही है।

यहां पर बता दें कि भीम आर्मी की स्थापना दलित समुदाय में शिक्षा के प्रसार को लेकर अक्टूबर, 2015 में हुई थी, इसके बाद सितंबर 2016 में सहारनपुर के छुटमलपुर में स्थित एएचपी इंटर कॉलेज में दलित छात्रों की कथित पिटाई के विरोध में हुए प्रदर्शन से ये संगठन चर्चा में आया।

संगठन भीम आर्मी के सदस्य दलित समुदाय के बच्चों के साथ हो रहे कथित भेदभाव का मुखर विरोध करते हैं और इसी के कारण इस संगठन की पहुंच दूर दराज़ के गांवों तक हुई है।

देहरादून (उत्तराखंड) से कानून की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर वर्ष-2017 में सहारनपुर में हुए दंगे में भी आरोपित है और कई महीनों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली है।