दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक टैक्सी वोलोकॉप्टर का परीक्षण सफल

  • पहली मैन्ड टैक्सी है वोलोकॉप्टर, सीधे (ऊर्ध्वाधर) टेकऑफ और लैंडिंग करने में सक्षम
  • यह ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित है, हर उड़ान से पहले रोबोट द्वारा बैटरी बदली जाएगी

बर्लिन. पिछले दिनों ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक टैक्सी का सफल परीक्षण किया गया। यह टैक्सी अगले साल आसमान में उड़ती नजर आएगी। इसे वोलोकॉप्टर नाम दिया गया है। इसे बनाने वाली जर्मन कंपनी का कहना है कि यह पहली मैन्ड टैक्सी होगी जो सीधे (ऊर्ध्वाधर) टेकऑफ और लैंडिंग करने में सक्षम होगी। इसमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। हर उड़ान से पहले रोबोट द्वारा इसकी बैटरी बदली जाएगी।

बीते महीने बर्लिन में हुए ग्रीनटेक फेस्टिवल में यह टैक्सी आकर्षण का केंद्र थी। यह फेस्टिवल पूर्व फॉर्मूला वन विश्व चैंपियन निको रोसबर्ग ने शुरू किया था। इस इलेक्ट्रिक टैक्सी का लक्ष्य दुनिया में हर घंटे अगले 10 साल तक एक लाख यात्रियों को ले जाना है। यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होगी। इससे आवाज से प्रदूषण नहीं होगा। शुरू में यह 27 किमी तक दो लोगों को ले जाने में सक्षम होगी।

‘टैक्सी से क्रांतिकारी बदलाव आएगा’

रोसबर्ग के मुताबिक- अगले साल के अंत तक टैक्सी उड़ान भरने के लिए तैयार होगी। इसे पहले दुबई, सिंगापुर और जर्मनी जैसी जगहों पर शुरू किया जाएगा। इससे टैक्सी सर्विस में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। लोग हवाई सेवा का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। यह बेहद सस्ती होगी। लोग टैक्सी पर आने वाले खर्च में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस साल से शुरू होगी उबर कॉप्टर
टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी उबर भी 9 जुलाई से ‘उबर कॉप्टर’ सर्विस जरूर शुरू करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- यह सर्विस सबसे पहले न्यूयॉर्क में शुरू की जाएगी। इसका फायदा सबसे पहले उबर रिवॉर्ड के उन मेंबर्स को मिलेगा, जिन्हें प्लेटिनम और डायमंड स्टेटस मिला है। कंपनी के मुताबिक प्रति व्यक्ति उड़ान का खर्च न्यूनतम 14 हजार से 16 हजार के बीच होगा।

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