वर्ल्ड कप की किस टीम के पुछल्ले बल्लेबाज हैं सबसे मजबूत?

मौजूदा वर्ल्ड कप के 10वें मैच में पांच बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और दो बार के 1975 और 1979 के विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.

आठवें नंबर पर आए नाथन कूल्टर नाइल के शानदार 60 गेंद पर 92 रन की बदौलत मैच आखिर ओवर तक गया, ऑस्ट्रेलिया 15 रन से मैच जीतने में कामयाब रहा. उन्होंने ये पारी तब खेली जब ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट महज 38 रनों पर गिर गए थे और एक छोर पर डटे स्टीव स्मिथ का कोई साथ नहीं दे रहा था.

 

विश्व कप 2019 में शामिल सभी दसों टीमों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया कि आखिर कौन सी टीम के पुछल्ले बल्लेबाज मजबूत हैं और कौन टीम सिर्फ अपने टॉप ऑर्डर पर मैच जीतने के लिए निर्भर है.

अगर हम 2015 वर्ल्ड कप से इस टूर्नामेंट की शुरुआत तक के आंकड़े देखें तो अफगानिस्तान के पुछल्ले बल्लेबाज अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा योगदान देते दिखते हैं, इन लोगों ने टीम की पूरे रनों का 15 फीसदी रन बनाया है. अफगानिस्तान के बाद श्रीलंका और वेस्टइंडीज का नंबर आता है जिन्होंने अपनी टीम के लिए करीब 11 फीसदी रन बनाए.

भारतीय टीम के आखिर के बल्लेबाजों ने अपनी टीम के स्कोर का सिर्फ 5 फीसदी रन बनाए हैं. आंकड़े ये भी बताते हैं कि भारतीय टीम अपने टॉप आर्डर के 3 बल्लेबाजों पर बुरी तरह निर्भर है जिन्होंने अपनी टीम के पूरे स्कोर का करीब 60 फीसदी रन जोड़े हैं. हालांकि ये भी सच है कि भारतीय टीम के पुछल्लों को सबसे कम मैच खेलने को मिले. 86 मैचों में से 45 बार भारतीय टीम के 7 बल्लेबाज या उससे ज्यादा आउट हुए लेकिन आखिर बल्लेबाजों ने 21 रन की औसत से रन बनाए जो बाकी टीमों के मुकाबले सबसे कम है. अफगानिस्तान और इंग्लैंड के पुछल्लों ने औसत 37 रन बनाए जब उनके 7 या उससे ज्यादा विकेट गिरे.

इंग्लैंड के आखिर बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट भी सबसे ज्यादा है, उन्होंने 97 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. वहीं पाकिस्तान और श्रीलंका ने 90 की स्ट्राइक रेट से रन जोड़े. पाकिस्तान के पुछल्लों ने तो 8 बार 50 या उससे ज्यादा रन जोड़े. पाकिस्तान के बाद अफगानिस्तान और इंग्लैंड का नंबर हैं जिन्होंने 7 और 6 अर्धशतकीय साझेदारियां कीं. वहीं भारतीय पुछल्ले बल्लेबाज ने सिर्फ 1 बार 50 से ज्यादा रन बनाए. वहीं वेस्टइंडीज के किसी बल्लेबाज ने अर्धशतक नहीं जड़ा.

HAMARA METRO